🗳️- बिहार पंचायत चुनाव में बड़ा बदलाव: पहली बार सभी पदों पर EVM से मतदान, नई तकनीक से बढ़ेगी पारदर्शिता
पटना।ब्यूरो। बिहार में इस वर्ष होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत आम चुनाव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार का चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रहा है, क्योंकि पहली बार पंचायत के सभी छह पदों के लिए पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के जरिए मतदान कराया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयोग ने इस चुनाव के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई नई ईवीएम के उपयोग का निर्णय लिया है, जिसमें आधुनिक तकनीक का समावेश किया गया है। नई मशीनों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें पारंपरिक मेमोरी के साथ एक अलग विशेष चिप भी लगाई गई है, जो चुनाव प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाएगी।
इस चिप में हर वोट का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। यदि किसी कारणवश ईवीएम की मुख्य मेमोरी नष्ट भी हो जाती है, तब भी वोट का पूरा डेटा सुरक्षित रहेगा। यानी हर वोट दो स्तर पर सुरक्षित रहेगा, जिससे गड़बड़ी की संभावना काफी कम हो जाएगी।
आयोग के अनुसार, इस चिप में यह भी दर्ज रहेगा कि किसी बूथ पर कुल कितने वोट डाले गए। यह डेटा भविष्य में जांच या साक्ष्य के रूप में उपयोग किया जा सकेगा। चिप को आयोग के स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे वर्षों बाद भी डेटा को एक्सेस कर सत्यापन संभव होगा। वहीं, ईवीएम की मुख्य मेमोरी को हर चुनाव से पहले डिलीट कर नई शुरुआत सुनिश्चित की जाएगी।

इस चुनाव में पंचायत स्तर के छह प्रमुख पद—वार्ड सदस्य, मुखिया, पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य—के लिए एक ही बूथ पर ईवीएम से मतदान कराया जाएगा। इससे मतदान प्रक्रिया तेज, सुगम और अधिक पारदर्शी होगी।
ईवीएम की आपूर्ति को लेकर भी तैयारी तेज है। हैदराबाद स्थित सरकारी कंपनी Electronics Corporation of India Limited (ECIL) को नई मशीनों के निर्माण और आपूर्ति की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जानकारी के अनुसार, मई महीने के बाद से ईवीएम की सप्लाई शुरू हो जाएगी और चरणबद्ध तरीके से सभी जिलों में मशीनें पहुंचाई जाएंगी।
आयोग ने सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारियों को मशीनों के सुरक्षित रखरखाव और प्रबंधन को लेकर आवश्यक निर्देश दिए हैं। मशीनों को सीधे जिलों में भेजने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि समय रहते सभी तैयारियां पूरी की जा सकें।
नई तकनीक से लैस ईवीएम के इस्तेमाल से इस बार पंचायत चुनाव में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही, मतदाताओं का भरोसा भी चुनावी प्रक्रिया पर और मजबूत होगा। अब देखना होगा कि यह नई व्यवस्था बिहार के पंचायत चुनाव को किस तरह नई दिशा देती है।











