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सकरा में जयगुरुदेव जनजागरण यात्रा का भव्य स्वागत, संत पंकज जी महाराज का सत्संग

-सकरा में जयगुरुदेव जनजागरण यात्रा का भव्य स्वागत, संत पंकज जी महाराज का सत्संग

सकरा (मुजफ्फरपुर)।
मुजफ्फरपुर के सकरा प्रखंड में जयगुरुदेव जनजागरण यात्रा के आगमन पर भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। संत पंकज जी महाराज ने सत्संग के माध्यम से लोगों को सदाचार, शाकाहार और आध्यात्मिक जीवन अपनाने का संदेश दिया।
67 दिवसीय शाकाहार-सदाचार, मद्यनिषेध एवं आध्यात्मिक-वैचारिक जनजागरण यात्रा के तहत संत पंकज जी महाराज का 19वां पड़ाव सकरा प्रखंड के पिपरी हाईस्कूल मैदान में हुआ। इस दौरान स्थानीय लोगों ने बैण्ड-बाजा, फूल-माला, कलश और पुष्प वर्षा के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
सत्संग को संबोधित करते हुए संत पंकज जी महाराज ने कहा कि सत्य, प्रेम, दया, करुणा और अहिंसा जैसे मानवीय गुणों से दूर होने के कारण प्रकृति का संतुलन बिगड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज कहीं अतिवृष्टि तो कहीं अल्पवृष्टि और बाढ़ जैसी समस्याएं इसी का परिणाम हैं।
उन्होंने रामचरितमानस की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि “कर्म प्रधान विश्व रचि राखा, जो जस करइ सो तस फल चाखा”, इसलिए यदि समाज और परिवार में सुख-शांति चाहिए तो आध्यात्मिक मार्ग अपनाना जरूरी है।


महाराज जी ने सुरत-शब्द योग की साधना पर जोर देते हुए कहा कि प्रतिदिन एक-दो घंटे भजन करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में खुशहाली आती है। उन्होंने नामदान की विधि को भी विस्तार से समझाया।
इसके साथ ही उन्होंने लोगों से शाकाहार अपनाने और नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि अशुद्ध खानपान और मांसाहार के कारण कई बीमारियां बढ़ रही हैं, जिससे अस्पताल मरीजों से भरे पड़े हैं।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 17 से 21 मई तक मथुरा स्थित जयगुरुदेव आश्रम में आयोजित वार्षिक भंडारा सत्संग मेले में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।
कार्यक्रम में कई स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा।
सकरा में आयोजित यह सत्संग कार्यक्रम न केवल आध्यात्मिक जागरूकता का माध्यम बना, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संदेश भी दे गया।