–बिहार दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, विरासत और गौरव का हुआ उत्सव
राजापाकर। संजय श्रीवास्तव।
बिहार दिवस के अवसर पर राजापाकर प्रखंड के विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में जनता पुस्तकालय शनिचर हाट परिसर में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद एवं समाजसेवी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजसेवी अनिल कुमार ने कहा कि 22 मार्च 1912 को ब्रिटिश शासन ने बिहार को बंगाल से अलग कर एक नए प्रांत के रूप में स्थापित किया था। इसी ऐतिहासिक निर्णय की स्मृति में हर वर्ष बिहार दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस दिवस को मनाने की शुरुआत नीतीश कुमार द्वारा वर्ष 2010 से की गई, जो आज बिहार की सांस्कृतिक पहचान और गौरव का प्रतीक बन चुका है।

वक्ताओं ने बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहर, कला एवं परंपराओं को याद करते हुए इस दिन को गर्व का प्रतीक बताया। कार्यक्रम में राम ललित सिंह, अनिल कुमार, रामप्रवेश सिंह, भगवान सिंह, देवेंद्र सिंह, सकल सिंह, दामोदर सिंह, रणवीर सिंह, सीताराम सिंह एवं हरि सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक प्रस्तुति के दौरान प्रसिद्ध व्यास जनार्दन सिंह की कीर्तन मंडली के कलाकारों ने राष्ट्रगीत प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए व्यास जनार्दन सिंह को फूल-माला पहनाकर सम्मानित किया गया।









