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पटना में चिकन पॉक्स का कहर, एक हफ्ते में 50 लोग बीमार, बच्चों में बढ़ी दहशत

-पटना में चिकन पॉक्स का कहर, एक हफ्ते में 50 लोग बीमार, बच्चों में बढ़ी दहशत

पटना: बिहार की राजधानी में इन दिनों चिकन पॉक्स का प्रकोप लोगों के लिए चिंता का कारण बन गया है। नौबतपुर प्रखंड के गोपालपुर गांव के दलित टोला में अचानक फैली इस बीमारी ने पूरे इलाके में डर का माहौल बना दिया है। महज एक सप्ताह के भीतर करीब 30 परिवारों के लगभग 50 लोग चिकन पॉक्स की चपेट में आ चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं।
गांव में बीमारी तेजी से फैलने के बाद लोग एक-दूसरे के घर जाने से भी परहेज करने लगे हैं। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और मेडिकल कैंप लगाकर लोगों की जांच शुरू कर दी। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम घर-घर जाकर मरीजों की पहचान कर रही है तथा उन्हें दवाइयां और जरूरी सावधानियों की जानकारी दे रही है।
हालांकि ग्रामीणों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल भी उठाए हैं। गांव के निवासी सुनील शर्मा ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को तीन मरीजों को नौबतपुर रेफरल अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन वहां सही तरीके से इलाज नहीं हो पाया। वहीं संतोष कुमार ने बताया कि उनके परिवार के छह सदस्य चिकन पॉक्स से प्रभावित हैं, जिनमें चार बच्चे शामिल हैं। उनका कहना है कि डॉक्टरों की टीम गांव में आई थी और कुछ दवाइयां देकर लौट गई, लेकिन अब तक मरीजों का समुचित इलाज शुरू नहीं हो सका है।


स्थानीय आशा कार्यकर्ता रजनी कुमारी के अनुसार मरीजों की सूची तैयार कर अस्पताल प्रभारी को सौंप दी गई है। एएनएम पुष्पा ने बताया कि गोपालपुर की एएनएम चंद्रावती कुमारी छुट्टी पर हैं, इसलिए फिलहाल उन्हें यहां की जिम्मेदारी दी गई है। आंगनबाड़ी केंद्र पर नियमित टीकाकरण जारी है और मरीजों को पैरासिटामोल, जिंक और ओआरएस उपलब्ध कराया जा रहा है।
नौबतपुर रेफरल अस्पताल की प्रभारी डॉ. रीना कुमारी ने बताया कि चिकन पॉक्स फैलने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। जिला स्वास्थ्य विभाग को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। मेडिकल टीम लगातार गांव में जांच और इलाज कर रही है तथा प्रभावित इलाके के सभी लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। साथ ही लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने, भीड़ से दूरी रखने और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।