-मुजफ्फरपुर: लंबित मांगों को लेकर लंगट सिंह कॉलेज के छात्रों का अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू
मुजफ्फरपुर। शहर के प्रतिष्ठित लंगट सिंह कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर गुरुवार से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया है। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से छात्रावास, लैब, लाइब्रेरी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी उनकी मांगों को कॉलेज प्रशासन द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है।
छात्रों के अनुसार, पिछले कई महीनों से वे अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन करते रहे हैं। इससे पहले भी कई बार छात्रों ने प्रदर्शन किया और कॉलेज प्रशासन को लिखित आवेदन सौंपा, लेकिन अब तक उनकी किसी भी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
छात्रों ने बताया कि करीब तीन महीने पहले कॉलेज परिसर में उन्होंने भूख हड़ताल भी की थी। उस समय कॉलेज प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया था कि 2 जनवरी 2026 से छात्रावास में छात्रों के रहने की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी और अन्य मांगों पर भी जल्द कार्रवाई होगी। लेकिन छात्रों का आरोप है कि आश्वासन के बावजूद अब तक छात्रावास शुरू नहीं किया गया और अन्य समस्याएं भी जस की तस बनी हुई हैं।

अपनी समस्याओं को लेकर छात्रों ने हाल के दिनों में भिक्षाटन अभियान भी चलाया था। इसके तहत छात्रों ने शहर के विभिन्न स्थानों और मोतीझील मार्केट में जाकर प्रतीकात्मक रूप से भिक्षा मांगकर कॉलेज की स्थिति से आम लोगों को अवगत कराया। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
छात्रों का आरोप है कि अब जब उन्होंने फिर से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया है, तो कॉलेज की प्राचार्य द्वारा आंदोलन को कमजोर करने और तोड़ने की कोशिश की जा रही है।
छात्रों ने बताया कि प्राचार्य के आश्वासन पर उन्होंने पहले ही अपने किराए के कमरे छोड़ दिए थे, क्योंकि उन्हें बताया गया था कि 2 जनवरी 2026 से छात्रावास में रहने की व्यवस्था शुरू हो जाएगी। लेकिन अब न तो छात्रावास शुरू हुआ और न ही उनके पास रहने के लिए कोई जगह बची है। मजबूरी में छात्र अपना सारा सामान लेकर आंदोलन स्थल पर ही बैठने को विवश हैं।
मौके पर कौशल, खुशी, रानी, नीतू, रौशन, राहुल, आशुतोष, रंजन, अनिकेत, सुधांशु, शिवम, सुभाष और नवनीत समेत कई छात्र एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने आंदोलन को जारी रखने का संकल्प लिया।
छात्रों ने मांग की है कि कॉलेज प्रशासन और संबंधित विभाग जल्द से जल्द उनकी मांगों को पूरा करे। अन्यथा यह आंदोलन आगे और व्यापक रूप ले सकता है।











