-मुजफ्फरपुर नगर निगम में हलचल: वार्ड 20 के पार्षद संजय केजरीवाल ने दिया इस्तीफा
मुजफ्फरपुर।
मुजफ्फरपुर नगर निगम के वार्ड संख्या 20 के पार्षद Sanjay Kumar Kejriwal ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा नगर निगम की महापौर को भेजते हुए इसकी प्रतिलिपि बिहार के मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को भी प्रेषित की है।
अपने इस्तीफे को लेकर पार्षद संजय केजरीवाल ने कहा कि यह निर्णय उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन नगर निगम बोर्ड में लिए गए निर्णयों का पालन नहीं होने, जनहित के मुद्दों की अनदेखी तथा भ्रष्टाचार के मामलों में ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्होंने यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में पद पर बने रहना नैतिक रूप से उचित नहीं है।
इस्तीफे के पीछे उन्होंने कई गंभीर कारण बताए हैं। इनमें ट्रेड लाइसेंस पर अवैध रूप से विलंब शुल्क लागू किया जाना, बोर्ड की स्वीकृति के बावजूद सफाई कर्मियों के मानदेय में 50 रुपये की बढ़ोतरी लागू न होना और वर्ष 2010 के बाद से सड़कों का नियमानुसार पुनर्वर्गीकरण नहीं होना प्रमुख है।

इसके अलावा उन्होंने लैपटॉप और साइन बोर्ड से जुड़े चर्चित मामलों की जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं होने, गुदरी/अघोरिया बाजार और बहलखाना के जर्जर भवनों की समस्या का समाधान नहीं होने तथा नगर प्रशासन द्वारा कई संवेदनशील मुद्दों पर उदासीन रवैया अपनाने को भी अपने इस्तीफे का कारण बताया।
संजय केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने हमेशा नगर निगम में रहते हुए जनता की आवाज मजबूती से उठाने की कोशिश की, लेकिन जब बार-बार यह महसूस हुआ कि व्यवस्था जनहित के अनुरूप काम नहीं कर रही है, तो चुप रहना भी गलत होगा। उन्होंने कहा कि यदि वह बोर्ड के सदस्य रहते हुए भी जनता के लिए बदलाव नहीं ला पा रहे हैं, तो पद छोड़ देना ही बेहतर है।
उन्होंने यह भी कहा कि पद उनके लिए कभी लक्ष्य नहीं रहा और आगे भी मुजफ्फरपुर के विकास तथा जनहित के मुद्दों को लेकर वह अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
पार्षद के इस इस्तीफे के बाद Muzaffarpur Municipal Corporation की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर नए सवाल खड़े होने लगे हैं।











