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मुजफ्फरपुर में 12 पुलिसकर्मियों पर गिरफ्तारी का वारंट, कोर्ट में गवाही नहीं देने पर NDPS कोर्ट सख्त

–मुजफ्फरपुर में 12 पुलिसकर्मियों पर गिरफ्तारी का वारंट, कोर्ट में गवाही नहीं देने पर NDPS कोर्ट सख्त

मुजफ्फरपुर।
मुजफ्फरपुर की विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने पुलिस की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। ये सभी पुलिसकर्मी स्मैक और चरस बरामदगी से जुड़े दो मामलों में गवाह थे, लेकिन लगभग साढ़े चार साल बीत जाने के बाद भी कोर्ट में गवाही देने नहीं पहुंचे।
जानकारी के अनुसार पहला मामला कुढ़नी थाना क्षेत्र के गरहुआ चौक का है। यहां सितंबर 2021 में रोशन कुमार को स्मैक और लोडेड कट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष अरविंद पासवान, डीएसपी विपिन नारायण शर्मा और जांच अधिकारी विवेकानंद सिंह समेत छह पुलिसकर्मियों को कोर्ट में गवाही देनी थी। चार्जशीट दाखिल होने के बावजूद एक भी पुलिसकर्मी अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद कोर्ट ने सभी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।


दूसरा मामला सदर थाना क्षेत्र के खबरा भेल कॉलोनी का है। अगस्त 2020 में पुलिस ने एटीएम फ्रॉड में शामिल छह बदमाशों को एक किलो चरस के साथ गिरफ्तार किया था। इस केस में भी सूचक रघुवीर सिंह और जांच अधिकारी राजेश कुमार यादव सहित छह पुलिसकर्मियों को गवाही देनी थी, लेकिन साढ़े पांच साल पुराने इस मामले में भी गवाहों की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई प्रभावित होती रही।
विशेष एनडीपीएस कोर्ट संख्या-दो के न्यायाधीश नरेंद्र पाल सिंह ने पुलिसकर्मियों की लगातार अनुपस्थिति को गंभीर मानते हुए कहा कि अदालती आदेशों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुलिस अधिकारियों की लापरवाही से अपराधियों को लाभ मिल सकता है और ट्रायल में अनावश्यक देरी होती है।
अदालत ने दोनों मामलों में संबंधित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि विभाग अपने ही अधिकारियों के खिलाफ जारी इस अदालती आदेश पर क्या कार्रवाई करता है।