–पटना में “महिला सुरक्षा” पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू, 25 अभियोजन पदाधिकारी ले रहे प्रशिक्षण
पटना। ब्यूरो। अभियोजन निदेशालय, बिहार के सभा कक्ष में “महिला सुरक्षा” विषय पर अभियोजन पदाधिकारियों के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन निदेशालय के स्तर से किया गया है, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से नामित कुल 25 अभियोजन पदाधिकारी भाग ले रहे हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शलिलेश कुमार, रंजीत शंकर प्रसाद, भूपेन्द्र नारायण सिंह तथा ब्रजेश पाण्डेय उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. रविकांत देव ने की।
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. रविकांत देव ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि अभियोजन पदाधिकारियों को अपनी कार्यशैली को और सुदृढ़ बनाते हुए महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए, ताकि वर्तमान कानूनों के अंतर्गत महिलाओं को त्वरित न्याय मिल सके।

वरीय विधि पदाधिकारी रंजीत शंकर प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल एक औपचारिक प्रशिक्षण नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मिशन है। उन्होंने पांच दिवसीय प्रशिक्षण के उद्देश्यों और इसकी उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि शलिलेश कुमार ने अभियोजन पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने भीतर ज्ञान, कौशल और संवेदनशील दृष्टिकोण को विकसित करें तथा पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल विधिक जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि अभियोजन पदाधिकारियों को अधिक संवेदनशील और प्रभावी बनाने का प्रयास है, ताकि वे अपने कार्यस्थलों पर जाकर पीड़ितों को प्रभावी न्याय दिला सकें।
कार्यक्रम के अंत में धर्मेंद्र कुमार सिंह की ओर से मंचासीन अतिथियों, प्रतिभागियों तथा निदेशालय के सभी पदाधिकारियों और कर्मियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
इस अवसर पर अरविंद कुमार, राजेश कुमार, सीमा शर्मा, रागिनी कुमारी, नेयाज अहमद, रंजय कुमार, आलोक कुमार तथा ईशाद आलम सहित अभियोजन निदेशालय के कई पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।












