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नेपाल में ‘घंटी छाप’ की सुनामी, संसदीय चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी दो-तिहाई बहुमत की ओर

-नेपाल में ‘घंटी छाप’ की सुनामी, संसदीय चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी दो-तिहाई बहुमत की ओर

जनकपुरधाम से मिश्री लाल मधुकर:
नेपाल में हुए संसदीय चुनाव के बाद राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। गुरुवार को छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न हुआ, जबकि शनिवार से सभी निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना जारी है। शुरुआती रुझानों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (घंटी छाप) के पक्ष में जबरदस्त लहर दिखाई दे रही है।
बताया जा रहा है कि बालेन्द्र साह उर्फ बालेन के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी दो-तिहाई बहुमत की ओर बढ़ रही है। कई बड़े और दिग्गज नेताओं को इस चुनाव में कड़ी टक्कर मिल रही है।
रुझानों के अनुसार नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन थापा तथा नेकपा एमाले के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली झापा-5 सीट से मतगणना में पीछे चल रहे हैं। इस सीट पर राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के बालेन्द्र साह बढ़त बनाए हुए हैं।
इसी तरह सर्लाही-4 सीट से नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन थापा राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के डॉ. अमरेन्द्र सिंह से पीछे चल रहे हैं। हालांकि नेकपा माओवादी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ रुकुम से चुनाव जीत चुके हैं।
वहीं मधेशवादी दलों के कई बड़े नेताओं की स्थिति भी कमजोर दिख रही है। जनता समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव, जनमत पार्टी के अध्यक्ष डॉ. सी.के. राउत और आम जनता पार्टी के अध्यक्ष प्रभु साह भी मतगणना में पीछे बताए जा रहे हैं।


धनुषा निर्वाचन क्षेत्र में उप प्रधानमंत्री तथा नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बिमलेंद्र निधि को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। उन्हें राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के उम्मीदवार मनीष झा ने लगभग 19 हजार मतों से पराजित किया। बिमलेंद्र निधि को 24,426 मत मिले, जबकि मनीष झा को 43 हजार से अधिक मत प्राप्त हुए। वहीं निवर्तमान सांसद और नेकपा एमाले की नेत्री जूली कुमारी महतो को मात्र 4,116 मत ही मिले।
मधेश प्रदेश की 32 सीटों में से 30 सीटों पर भी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी बढ़त बनाए हुए है। निर्वाचन आयोग के अनुसार अब तक के रुझानों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी 103 सीटों पर आगे चल रही है और 2 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है।
इसके अलावा नेपाली कांग्रेस 1 सीट जीत चुकी है और 12 सीटों पर आगे है। नेकपा एमाले 9 सीटों पर, नेकपा माओवादी 9 सीटों पर, श्रम शक्ति पार्टी 2 सीटों पर, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी 1 सीट पर और जनता समाजवादी पार्टी 1 सीट पर बढ़त बनाए हुए है।
नेपाल की संसद की कुल 165 सीटों के लिए चुनाव कराया गया है और मतगणना जारी है। शुरुआती रुझानों से साफ है कि इस बार नेपाली राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।