–बागमती बांध के खिलाफ आंदोलन तेज, दसवें दिन भी जारी अनशन; रिव्यू रिपोर्ट तक निर्माण रोकने की मांग
बेनीबाद (मुजफ्फरपुर), 25 फरवरी 2026।दीपक।
चास वास जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बागमती बांध निर्माण के विरोध में चल रहा आमरण अनशन बुधवार को दसवें दिन भी जारी रहा। अनशन स्थल पर आसपास के कई गांवों से सैकड़ों ग्रामीण जुटे और मांगें माने जाने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया। प्रदर्शनकारियों ने रिव्यू कमिटी की रिपोर्ट आने तक बांध निर्माण पर रोक लगाने तथा ‘गांव के बदले व्यवस्थित गांव और घर के बदले घर’ की गारंटी देने की मांग उठाई।
सभा में पहुंचे सुदामा प्रसाद, सांसद (आरा) व भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के नेता, ने कहा कि सरकार जनता की मांगों की अनदेखी कर ठेकेदार लॉबी के दबाव में बागमती बांध निर्माण आगे बढ़ा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना स्थानीय लोगों की सहमति यह परियोजना नहीं चलने दी जाएगी और आगामी बजट सत्र में संसद में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

माले केंद्रीय कमिटी सदस्य संतोष सहर ने कहा कि विनाशकारी बांध से इलाके के लोगों का जीवन और आजीविका खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने सरकार से जल बंटवारे और बाढ़ नियंत्रण की वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की। वहीं अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश सचिव उमेश सिंह ने कहा कि जनविरोधी फैसलों के खिलाफ संघर्ष ही एकमात्र रास्ता है।
अनशन पर पूर्व की तरह रामलोचन सिंह, राजकुमार मंडल, सीताराम राय और राधा देवी बैठे रहे। सभा की अध्यक्षता बर्री पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि चन्द्रेश्वर पासवान ने की, जबकि संचालन मोर्चा संयोजक जितेंद्र यादव ने किया।
सभा को ठाकुर देवेंद्र, जगन्नाथ पासवान, जिला सचिव कृष्णमोहन, नवल किशोर सिंह, रंजीत सिंह, राम सज्जन राय, मोनाजिर हसन, राहुल कुमार, उपेंद्र सिंह, सुरेश राम, सुनील राय, वैद्यनाथ मिश्र, मोहन मिश्र, कमोद सिंह, रामबाबू राय और राम एकबबाल राय सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बागमती नदी पर प्रस्तावित बांध से हजारों परिवार विस्थापित होंगे, इसलिए पहले पुनर्वास और मुआवजा सुनिश्चित किया जाए, तभी किसी भी निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाए।









