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घोसरामा ब्रह्मस्थान में श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस निष्काम कर्म और भक्ति का संदेश

-घोसरामा ब्रह्मस्थान में श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस निष्काम कर्म और भक्ति का संदेश

मुजफ्फरपुर/बन्दरा। दीपक।घोसरामा ब्रह्मस्थान परिसर (पुस्तकालय) में नवयुवक नाट्यकला परिषद् सह सांस्कृतिक मंच द्वारा आयोजित सप्तदिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस कथा प्रवाचिका निकुंज मंजरी चंचला दीदी ने निष्काम कर्म, भक्ति और मोक्ष का भावपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कर्म करना मनुष्य का धर्म है और फल देना भगवान का कार्य है, इसलिए फल की चिंता किए बिना निष्काम भाव से कर्म करना चाहिए। सच्चे अर्थों में धनवान वही है, जो तन, मन और धन से सेवा-भक्ति करता है।


चंचला दीदी ने कहा कि चौरासी लाख योनियों के बाद मिला यह मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है, जिसका उपयोग सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलकर परमात्मा की शरण में जाने के लिए करना चाहिए। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से जीवन में भक्ति जागृत होती है और मोह-माया के बंधन से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। अहंकार का त्याग और भगवान के चरणों में पूर्ण शरणागति ही मोक्ष का मार्ग है।
कथा के दौरान पंचम दिवस में भगवान की बाल लीला, गोवर्धन लीला, छप्पन भोग, मथुरा गमन तथा कंस वध प्रसंग की भूमिका का विस्तार से वर्णन किया गया। इससे पूर्व आचार्यों के सानिध्य में यजमान नवीन कुमार, मतलुपुर मुखिया रेखा देवी, दीपक कुमार एवं गणेश ठाकुर ने व्यास पूजन किया।
कार्यक्रम में धनौर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक महेंद्र ठाकुर, बालेश्वर ठाकुर, पूर्व मुखिया अनिल ठाकुर, कृष्ण कुमार ठाकुर, ललन सिंह, मंटुन राम, गणेश ठाकुर, रवींद्र झा, चंदन झा, सूर्यनारायण सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।