-राजापाकर में ‘जय जवान–जय किसान–जय विज्ञान–जय अनुसंधान’ विषय पर किसान गोष्ठी, उन्नत तकनीक व जैविक खेती पर दिया गया जोर
राजापाकर–संजय श्रीवास्तव।
कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) वैशाली द्वारा कृषि कार्यालय किसान भवन बसरा के परिसर में ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान एवं जय अनुसंधान’ विषय पर किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में कृषि नवाचार, कृषक हितैषी अनुसंधान तथा राज्य सरकार की कृषि संबंधी पहलों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में दर्जनों महिला एवं पुरुष प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन कर प्रखंड कृषि पदाधिकारी आनंद मौर्य, प्रगतिशील किसान ओंकार नाथ गुप्ता, आत्मा अध्यक्ष वीर चंद्र प्रसाद सिंह, उद्यान पदाधिकारी मनोज कुमार एवं तकनीकी प्रबंधक रौनी कुमार ने संयुक्त रूप से किया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी आनंद मौर्य ने किसानों को नवीन कृषि तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने बीज उपचार कर बुआई करने से बेहतर उत्पादन मिलने की बात कही तथा खेती से पूर्व मिट्टी जांच पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि मिट्टी जांच से यह स्पष्ट होता है कि खेत में किस खाद की आवश्यकता है और किस तत्व की कमी है, जिससे संतुलित उर्वरक उपयोग संभव होता है।
उन्होंने रासायनिक खाद के अत्यधिक प्रयोग के बजाय जैविक खेती अपनाने की अपील की और कहा कि रासायनिक खाद से खेतों की उर्वरा शक्ति घटती है, जबकि गोबर खाद एवं अन्य जैविक खाद से मिट्टी की सेहत बनी रहती है और लागत भी कम होती है।

तकनीकी सहायक रौनी कुमार ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए फल, फूल एवं सब्जी की खेती को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि परंपरागत खेती से अलग हटकर इन फसलों की खेती करने से कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा सब्जियों के रखरखाव हेतु कोल्ड स्टोरेज निर्माण का प्रस्ताव है, जिससे किसान उचित मूल्य मिलने पर अपनी उपज का विक्रय कर सकेंगे।
धान की खेती के लिए उन्होंने हाइब्रिड सोनम, मंसूरी, बासमती सहित उच्च मूल्य वाली किस्मों की बुआई की जानकारी दी, जो बाजार में बेहतर दाम पर बिकती हैं। अन्य वक्ताओं ने भी उन्नत एवं वैज्ञानिक खेती के विभिन्न पहलुओं पर किसानों को मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम में मनोज कुमार, वीर चंद्र सिंह, रौनी कुमार, दीपक कुमार, वीरेंद्र कुमार, नीतीश कुमार, रामदयाल कुमार, अंशु कुमारी, सुनीता देवी, ललिता देवी, लालती देवी, सावित्री देवी, मीरा देवी, शीला देवी, सरिता देवी सहित अनेक महिला एवं पुरुष प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।











