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राजदेवी शक्ति पीठ में 14,913 छागर की बलि, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

-राजदेवी शक्ति पीठ में 14,913 छागर की बलि, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर

महा अष्टमी के अवसर पर जनकपुरधाम के राम मंदिर प्रांगण स्थित राजदेवी शक्ति पीठ में मंगलवार की रात 14,913 छागर की वलि दी गई। वलि प्रक्रिया रात्रि 8 बजे शुरू होकर तड़के सुबह 3:40 बजे तक चली। परंपरा के अनुसार वलि की शुरुआत से पूर्व नेपाल सेना की टुकड़ी ने सलामी दी।

वलि चढ़ाने के लिए न सिर्फ नेपाल के विभिन्न हिस्सों से बल्कि सीमावर्ती बिहार राज्य से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं का मानना है कि वलि चढ़ाने से उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। आयोजन में महावीर युवा समिति के सौ से अधिक स्वयंसेवकों के साथ सेना ने भी सक्रिय सहयोग दिया।

श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु समाजसेवी विश्वनाथ साह की पहल पर राम युवा समिति के परिसर में नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था की गई थी। महाअष्टमी के बाद राजदेवी, बौद्धी माई और अमरखाना मंदिरों में भी पूजा-अर्चना संपन्न हुई।

इसी क्रम में रामानंद चौक और भ्रमरपुरा चौक पर दुर्गा पूजा का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। वहीं महोत्तरी जिले के सोना माई शक्ति पीठ में दशहरा पर भूत मेला आयोजित हुआ, जिसमें नेपाल और भारत से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। मान्यता है कि लकड़ी से बनी मानव आकृति के स्पर्श मात्र से भूत-प्रेत और मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।

वैज्ञानिक युग में भी इस मेले में आस्था का ज्वार देखते ही बनता है। खासतौर पर संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाली महिलाएं और मानसिक रोग से पीड़ित लोग बड़ी संख्या में सोना माई शक्ति पीठ पहुंचते हैं। दशहरा का उत्सव पूरे धनुषा जिले में उल्लास और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।