-घर के ऊपर से गुजर रहा 11 हजार वोल्ट का तार
-15 वर्षों से फुस की झोपड़ी में रहने को मजबूर परिवार
-बिना स्थल जांच के लोक शिकायत निवारण को सौंपी गई रिपोर्ट
-घर की ढलाई रुकी, बच्चों की शादी भी बाधित
-कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़िता परिवार सहित आमरण अनशन पर बैठने को विवश
मोतिहारी / राजन द्विवेदी।
संग्रामपुर प्रखंड अंतर्गत राजपुर पंचायत के भंगिया टोला वार्ड-7 निवासी रुबिला देवी वर्ष 2009 से पक्के मकान के इंतजार में हैं, लेकिन उनके घर के ऊपर से गुजरे 11 हजार वोल्ट के बिजली तार ने निर्माण को रोक दिया है। वर्षों से फूस की झोपड़ी में रह रही रुबिला देवी ने विभागों के चक्कर काटने के बाद भी न्याय नहीं पाया।
वर्ष 2009 में गांव में विद्युतीकरण के समय रुबिला देवी के घर की नींव पड़ी थी। उसी दौरान जब संवेदक ने उनके घर के ऊपर से 11 हजार वोल्ट का तार गुजारने का प्रयास किया, तो उन्होंने विरोध किया। संवेदक और विभागीय जेई, एसडीओ ने उन्हें मौखिक आश्वासन दिया कि मकान बनने पर तार हटा दिया जाएगा। परंतु यह आश्वासन मात्र वादा बनकर रह गया।

बीते वर्ष 23 सितंबर को उन्होंने अधीक्षण अभियंता, मोतिहारी को आवेदन सौंपा। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने लोक शिकायत निवारण केंद्र, अरेराज में गुहार लगाई, जहां से विधुत विभाग को जांच कर कार्रवाई के निर्देश मिले। लेकिन विभाग ने बिना स्थल निरीक्षण के ही रिपोर्ट सौंप दी, और मामला बंद कर दिया गया।
पीड़िता का आरोप है कि गांव के प्रभावशाली लोगों के दबाव में जेई तार नहीं हटवा रहे हैं। घर की ढलाई रुकी होने से उनके बच्चों की शादी में भी बाधा आ रही है।
अब उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर विधुत विभाग कार्रवाई नहीं करता, तो वह अपने पूरे परिवार के साथ आमरण अनशन पर बैठेंगी।












