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परिवार के विरोध के बाद यात्री शेड में हुई शादी

-परिवार के विरोध के बाद यात्री शेड में हुई शादी

-बांका में सोशल मीडिया से परवान चढ़ा प्यार

बांका। जिले के शंभूगंज प्रखंड में एक अनोखी प्रेम कहानी का सुखद अंत शादी के साथ हुआ। बिरनौधा की लक्ष्मी और रामचुआ के रंजन की मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। ऑनलाइन बातचीत से शुरू हुआ यह रिश्ता धीरे-धीरे प्यार में बदल गया और दोनों ने एक-दूसरे के बिना रहने की कल्पना भी नहीं की।

जब गांव वालों को उनके रिश्ते की जानकारी मिली, तो शादी कराने का फैसला लिया गया। हालांकि, चूंकि यह अंतर्जातीय विवाह था, इसलिए एक परिवार ने शुरुआत में विरोध किया। लेकिन समझाने-बुझाने के बाद वे भी राजी हो गए।

मंदिरों ने किया इनकार, यात्री शेड बना मंडप:

रंजन और लक्ष्मी की शादी पहले तिलडीहा मंदिर में कराने की योजना बनी, लेकिन वहां मंदिर कमेटी ने अनुमति देने से इनकार कर दिया। फिर प्रयास किया गया कि शादी तारापुर के उल्टा महादेव मंदिर में हो, लेकिन वहां भी अनुमति नहीं मिली।

आखिरकार, सोमवार शाम को तिलडीहा के एक यात्री शेड में दोनों की शादी संपन्न हुई। शादी में गांव वालों ने भी हिस्सा लिया और नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया।

सोशल मीडिया बना प्यार का जरिया:

आज के दौर में सोशल मीडिया कई रिश्तों को जोड़ने का माध्यम बन रहा है। रंजन और लक्ष्मी की प्रेम कहानी भी इसी का उदाहरण है। प्यार, संघर्ष और समाज के विरोध के बावजूद उनकी शादी हो सकी, जो इस बात को दर्शाता है कि सच्चा प्रेम किसी भी बाधा को पार कर सकता है।