-जैकेट उतारते ही ‘बेचारी’ के साथ मुजफ्फरपुर में खेल हो गया
-बनारस में चिपकी…समस्तीपुर में हटती
सम्वाददाता। मुजफ्फरपुर।
बिहार में शराबबंदी के बाद तस्कर नए-नए तरीके अपना रहे हैं। पहले कंटेनर, दूध के टैंकर, आलू की बोरियों में शराब छिपाकर लाई जाती थी। अब तस्करों ने डिजाइनर कपड़े तैयार करवा लिए हैं, जिनमें शराब की बोतलें छिपाई जा सकती हैं। मुजफ्फरपुर जंक्शन पर हुई एक घटना से इस नए तरीके का खुलासा हुआ है।
दरअसल, रेल पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर शराब लेकर गोंदिया एक्सप्रेस से मुजफ्फरपुर आ रहे हैं। सूचना मिलते ही जीआरपी अलर्ट हो गई। आने-जाने वाली ट्रेनों पर नजर रख रही थी। शनिवार अहले सुबह गोंदिया एक्सप्रेस ट्रेन मुजफ्फरपुर पहुंची। जीआरपी ने इस ट्रेन से 6 लोगों को शक के आधार पर पकड़ा और इनकी तलाशी ली। सभी के पास से पुलिस को भारी मात्रा में शराब मिले।
गिरफ्तार तस्कर समस्तीपुर के रहने वाले हैं। ये लोग गोंदिया एक्सप्रेस ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। बताया जा रहा है कि सुबह के समय पुलिस की नजर से बचने के लिए इन्होंने रात की ट्रेन चुनी थी। तस्करों ने शरीर से चिपके हुए खास तरह के कपड़े पहन रखे थे। इन कपड़ों में शराब की बोतलें छिपाई गई थीं। ऊपर से जैकेट पहनकर ये लोग आम यात्रियों की तरह दिख रहे थे। पिट्ठू बैग की जगह इस तरीके का इस्तेमाल करके ये पुलिस को चकमा देना चाहते थे।

जीआरपी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि पकड़े गए छह तस्कर नए साल में बिक्री के लिए शराब ला रहे थे। इसके लिए एक खास किस्म के फौजी रंग का कपड़ा बनवाया था। उसके अंदर पूरे बाडी में शराब छिपाकर उसके ऊपर जैकेट पहन कर ला रहे थे। इसकी खुफिया जानकारी मिलने पर मुजफ्फरपुर जंक्शन पर सुबह करीब पांच बजे जनरल बोगी चेक करने पर इन सभी को पकड़ा गया।
पकड़े गए तस्करों में चंद्रभूषण कुमार उर्फ मिठ्ठू, संजय पासवान, प्रभात कुमार सिन्हा, सुमन कुमार, नरेश कुमार राम और अमरजीत कुमार शामिल हैं। चंद्रभूषण कुमार और सुमन कुमार समस्तीपुर जिले के खानापुर थाना क्षेत्र के हासोपुर गांव के रहने वाले हैं। संजय पासवान वारिसनगर थाना क्षेत्र के मोहदीनीपुर के निवासी है। प्रभात कुमार सिन्हा और अमरजीत कुमार समस्तीपुर नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।







