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मुजफ्फरपुर: बागमती का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, तटबंध टूटने से औराई में बाढ़ का खतरा

मुजफ्फरपुर: बागमती का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, तटबंध टूटने से औराई में बाढ़ का खतरा

संवाददाता। मुजफ्फरपुर।

नेपाल एवं उसके सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण बागमती नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, कटौझा में बागमती नदी का जलस्तर शाम 6:30 बजे खतरे के निशान से 3 मीटर ऊपर बह रहा था, और इसमें 30 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। इस बढ़ती गति के कारण बेलसंड के मधकौल क्षेत्र में तटबंध टूट गया है, जिससे औराई के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे फैल रहा है।

तटबंध टूटने के बाद रुन्नीसैदपुर और औराई इलाकों में बाढ़ का व्यापक असर पड़ने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, बागमती का पानी महिसार, बेलाही नीलकंठ, गईघट, थुम्मा, और मोरसंड के इलाकों से होते हुए औराई की ओर बढ़ रहा है। औराई में राजखंड जोका चुर के माध्यम से पानी निकलने की संभावना जताई जा रही है।

 

वहीं, कटौझा में बागमती का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और इसके घटने के कोई संकेत नहीं हैं। हालांकि, नेपाल के चंदौली क्षेत्र में जलस्तर में गिरावट की सूचना मिली है। सूत्रों ने यह भी बताया कि यदि बेलसंड में तटबंध नहीं टूटता, तो 2017 के जलस्तर का रिकॉर्ड टूट सकता था और रुन्नीसैदपुर, औराई और कटरा जैसे क्षेत्रों में भारी तबाही मच सकती थी।

फिलहाल औराई इलाके में परियोजना बांध के अंदर स्थित दर्जनों घरों और गांवों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। बागमती का पानी रात तक गांवों में फैलने की आशंका है, जिससे लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं। प्रशासन तटबंधों पर चौकसी बरत रहा है और पशुपालकों को नदियों के पास जाने से रोकने के लिए सख्त कदम उठा रहा है, ताकि जान-माल की हानि से बचा जा सके।