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मुजफ्फरपुर: बन्दरा पीएचसी में ड्यूटी को लेकर आयुष चिकित्सक एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी उलझे

-बन्दरा पीएचसी में ड्यूटी को लेकर आयुष चिकित्सक एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी उलझे

-वरीय अधिकारियों से की गई शिकायत
-दोनों पक्ष ने की अलग-अलग शिकायत
-दोनों की कार्यवाई की मांग

मुजफ्फरपुर/बन्दरा। दीपक।

प्रखंड के बन्दरा प्रखण्ड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आयुष चिकित्सक एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के बीच ड्यूटी को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। लिहाजा इस विवाद की शिकायत जिले के वरीय चिकित्सा अधिकारियों से की गई है और इस मामले में जांच एवं कार्रवाई की मांग दोनों पक्षों के तरफ से अलग-अलग पत्राचार कर की गई है।

होम्योपैथिक डॉक्टर ने दुर्व्यवहार करने का लगाया आरोप

बन्दरा। दीपक।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंदरा में कार्यरत होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ़ पंकज कुमार के साथ दुर्व्यवहार करने का मामला सामने आया है। इस बाबत उन्होंने सीएस को आवेदन देकर कार्रवाई की गुहार लगाई है। इसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंदरा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आरोपित किया है।
आवेदन में बताया है कि उन्होंने सीएस कार्यालय में 15 मार्च को योगदान दिया था। सीएस के निर्देश पर उन्हें पीएचसी बंदरा में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया। वहां जाने पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने कहा कि एपीएचसी रामपुर दयाल में 10 से चार ओपीडी में सेवा देनी होगी। उनके दबाव में उन्होंने ओपीडी कार्य एलोपैथिक दवा के साथ शुरू किया। कुछ दिन बाद एलोपैथिक दवाओं की जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए उन्होंने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से प्रशिक्षण देने को कहा तो वे उग्र हो गए। गाली-गलौज करते हुए उनकी ओर पेपर वेट उठाकर फेंका। साथ ही ऑफिस से यह कहकर भगा दिया कि जो कहेंगे करना होगा। सीएस डॉ़ अजय कुमार ने बताया कि ऐसा मामला है तो डॉक्टर को पुलिस के पास जाना चाहिए। फिलहाल, मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को लिखा पत्र

-पूरे मामले का किया जिक्र
-अनुशासन हीनता एवं कर्तव्यहीनता के आरोप में कार्यवाई की मांग की

बन्दरा। दीपक।

वही इस प्रकरण को लेकर प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ नौशाद अहमद ने असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी मुजफ्फरपुर को पत्राचार किया है। जिसमें लिखा गया है कि डॉ. पंकज कुमार, आयुष चिकित्सक (होम्योपैथिक) जिनकी नियुक्ति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बन्दरा में उनके द्वारा की गई है। वे 20 मार्च 2024 को योगदान के उपरांत ही अपने कार्य स्थल पर देर से आते हैं और अपनी उपस्थिति दर्ज करने के पश्चात बिना सूचना के समय पूर्व कार्य स्थल से चले जाते हैं। इस आशय को लेकर उनसे पूछे जाने के बाद उनके द्वारा अपने निजी कार्यों में व्यस्तता को लेकर कार्य में छूट के लिए कहा गया,लेकिन एईएस-जेई एवं अन्य कार्यों की अधिकता को देखते हुए कार्य अवधि में छूट देने से उन्होंने मना किया। इसके पश्चात 21 मार्च को उपस्थिति पंजी पर अनुपस्थित करने के बावजूद उपस्थिति पंजी पर उपस्थिति दर्ज की गई। इस आशय को लेकर डॉ. कुमार को मौखिक रूप से कहा गया,लेकिन फिर भी उनके द्वारा 25 मार्च को पुनः इस तरह के कार्य को दोहराया गया। तत्पश्चात 28 मार्च को उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन उनके द्वारा स्पष्टीकरण लेने से इनकार कर दिया गया। और 5 अप्रैल को डॉ. कुमार के द्वारा गलत मनसा से उनके कार्यालय में कुछ अज्ञात लोगों के साथ आकर उनके साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए ससमय कार्य करने से मना किया और कार्यालय से बाहर आकर पीएचसी प्रांगण में खड़े होकर तेज आवाज में अज्ञात लोगों के साथ गाली-गलौज किया गया। जिसकी सत्यता की जांच उस समय कार्य स्थल पर उपस्थित सभी पदाधिकारी एवं कर्मचारियों से की जा सकती है।पत्र में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने उपयुक्त बातों पर ध्यान आकर्षित करते हुए डॉ. कुमार के द्वारा अनुशासनहीनता एवं कर्तव्य हीनता को देखते हुए उन पर उचित प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग की है।