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बिहार की जनता लड़ेगी और तानाशाही हारेगी : माले

चंपारण की खबर::

-बिहार की जनता लड़ेगी और तानाशाही हारेगी : माले

– आगामी तीन मार्च को पटना में होने वाली महारैली की तैयारी जोरों पर

मोतिहारी / राजन द्विवेदी।

महागठबंधन के द्वारा आगामी 3 मार्च को पटना के गांधी मैदान में आयोजित “संविधान – लोकतंत्र बचाओ जन विश्वास महारैली” की तैयारी जारी है। गठबंधन के सभी घटक दल के नेता कार्यकर्ता दिन रात लगे हुए हैं। आज भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने मोतिहारी शहर में भी माइकिंग प्रचार व नुक्कड़ सभा के माध्यम से जनता से लाखों लाख की संख्या में पटना चलने का आह्वान किया। नुक्कड़ सभा को भाकपा माले राज्य कमिटी सदस्य विष्णुदेव प्रसाद यादव, वरिष्ठ नेता भैरव दयाल सिंह, विशेश्वर कुशवाहा, किसान नेता राघव प्रसाद, ध्रुव त्रिवेदी, ऐक्टू के उपाध्यक्ष दिनेश कुशवाहा आदि नेताओं ने संबोधित किया।
नेताओं ने छतौनी, मीना बाजार, कचहरी, स्टेशन चौक, जानपुल आदि चौकों पर आयोजित नुक्कड़ सभा के अपने संबोधन में कहा कि आज मोदी सरकार देश के संविधान और लोकतंत्र को खत्म कर एक दलीय तानाशाही शासन थोपना चाहती है। इसके लिए वह विपक्ष की चुनी हुई सरकारों और पार्टियों पर गैर लोकतांत्रिक एवं गैर कानूनी तरीके से हमला कर रही है। आज यह बात दिन के उजाले की तरह साफ हो गई है कि भाजपा की सरकार कॉरपोरेट भ्रष्टाचार में लिप्त है। 2017में मोदी सरकार ने गैर संवैधानिक इलेक्ट्रोल बॉन्ड का कानून बनाकर अरबों अरब रुपए कॉरपोरेट घरानों से चुनावी चंदा के रूप में लिया है। जो कंपनिया गुप्तरूप से चुनावी चंदा के रूप में देश के सार्वजनिक संपतियों का मालिकाना हक प्राप्त किया है। वहीं करीब 14 लाख करोड़ रुपए का कॉरपोरेट घरानों का कर्ज माफ कराया है।आज इस पैसे का इस्तेमाल विपक्षी पार्टियों के विधायकों के खरीद फरोख्त में उपयोग कर राज्य की सरकारों को हड़पने का काम हो रहा है। यह लोकतंत्र पर बहुत बड़ा हमला है।
जो पैसे से नही खरीदे जा सकते हैं या झुकने को तैयार नही है उनको झूठे मुकदमे में फंसाकर जेलों में बंद किया जा रहा है।
मोदी सरकार को जनता के मुद्दों से कोई मतलब नहीं है। जो छात्र नौजवान रोजगार की मांग कर रहे है या किसान एमएसपी गारंटी कानून की मांग कर रहे हैं, उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। साथ ही ध्यान भटकाने के लिए सांप्रदायिक नफरत की भावनाएं भड़काई जा रही है।


बिहार में भी उसी तरह का खेल शुरू कर दिया गया है। राजद के विधायकों के खिलाफ फर्जी मामले दर्ज किए जा रहे हैं या ईडी, सीबीआई के जरिए तंग किया जा रहा है। भाकपा माले के विधायक जिन्हें न खरीदा जा सकता है और नही डराया जा सकता है उन्हे झूठे मुकदमों में सजा दिलाकर विधायकी खत्म करने की साजिश चल रही है।अगिआंव के माले विधायक मनोज मंजिल की सदस्यता ऐसे एक झूठे मामले में सजा दिलाकर खत्म कर दी गई है। पूरे देश में भाजपा आरएसएस ऐसा गैर लोकतांत्रिक तरीका अपना रही है।ऐसी परिस्थिति में देश की जनता ही देश के संविधान एवम लोकतंत्र को बचा सकती है।इसलिए जनता पर अटूट भरोसा जताते हुए 3 मार्च को महागठबंधन ने जन विश्वास महारैली का आयोजन किया है।यह रैली पूरे देश को साहस और दिशा देने का काम करेगा।