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Salary से ज्यादा हाइब्रिड वर्क कल्चर को वरीयता दे रहे कर्मचारी, कंपनियों को भी हो रहा फायदा: सर्वे

-Salary से ज्यादा हाइब्रिड वर्क कल्चर को वरीयता दे रहे कर्मचारी, कंपनियों को भी हो रहा फायदा: सर्वे

नई दिल्ली।संवाददाता।

रिमोर्ट वर्किंग और फलेक्सिबल काम के घंटों को कर्मचारी सैलेरी की अपेक्षा अधिक तरजीह दे रहे हैं। जानकारों का कहना है कि इससे नए टैलेंट को लाने और रोकने में कंपनियों को भी काफी मदद मिल रही है।
नाम की रिपोर्ट में कहा गया है कि सर्वे में भाग लेने वाले एक तिहाई लोगों ने हाइब्रिड और रिमोट वर्किंग को चुना है। साथ ही 71 प्रतिशत लोगों का कहना है कि वर्क फ्रॉम होम में वे अधिक स्वतंत्र महसूस करते हैं।
इस सर्वे में 1810 लोगों ने भाग लिया है। इसमें से 561 कर्मचारियों और 1,249 नौकरी ढूंढने वाले थे। ये सर्वे जॉबसाइट इनडीड इंडिया की ओर से किया गया है। सर्वे में 63 प्रतिशत जॉब ढूंढने वाले ने कहा कि हाइब्रिड वर्किंग को चुना। 51 प्रतिशत कंपनियां अपने कर्मचारियों को इस तरह की सुविधा दे रही हैं।


टीमलीज एचआरटेक के सीईओ सुमित सबरवाल ने कहा, कंपनियों को इस तरह के लचीलेपन का प्रयोग टैलेंट के मैनेजमेंट के लिए करना चाहिए और इससे कर्मचारियों और नियोक्ता के बीच रिलेशन भी अच्छा होगा।

गिग वर्कर्स के लिए जॉब सर्च एप्लीकेशन Awing चलाने वाले अन्नया सार्थक ने कहा, आज के समय में नौकरी ढूंढने वाले लोग ऐसी नौकरियों को चुन रहे हैं, जहां लचीलापन होने के साथ एक वर्क लाइफ बैलेंस हो।
रिक्रूटमेंट फर्म Adecco India के वीपी, जयिता रॉय ने कहा कि उनकी कंपनी की हाइब्रिड वर्क पॉलिसी के कारण कर्मचारियों की उत्पादकता और संतुष्टि का लाभ होता है। कंपनी को हाइब्रिड कल्चर को बढ़ावा देना चाहिए। इससे अच्छे टैलेंट को रोकने में मदद मिलती है।