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नेपाल: हालचाल लेने पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति एवं अन्य राजनेता

नेपाल के बरिष्ठ पत्रकार तथा प्रजातंत्र सेनानी गंभीर बीमार

जनकपुरधाम/मिश्रीलाल मधुकर।

नेपाल के बरिष्ठ पत्रकार, प्रजातंत्र सेनानी तथा लोकमत हिन्दी के संपादक राजेश्वर नेपाली काफी बीमार हैं। पिछले साल प्रोस्टेट कैंसर हुआ था।सफल आपरेशन के बाद स्वस्थ हुए थे।अचानक रीढ़ की हड्डी में असहनीय पीड़ा शुरू हुआ। करीब दो महीनों तक अस्पताल में इलाज करवाते। फिलहाल बेला अपने आवास पर ही डाक्टरो की देखरेख में है। प्रजातंत्र आन्दोलन में पुलिस की लाठी के बर्बरता पिटाई तथा जेल में पक्का पर सोने ऐसी स्थिति होने कारण डाक्टर का कहना है। राजेश्वर नेपाली ने भी इसे स्वीकार किया है।
राजेश्वर नेपाली किशोरावस्था से ही राजशाही के खिलाफ आवाज बुलंद की। गणेश मान सिंह,वी.पी.कोईराला,गिरिजा प्रसाद कोइराला, महेन्द्र नारायण निधि,राम नारायण मिश्र, भद्र काली मिश्र सहित अन्य नेताओं के साथ प्रजातंत्र के लिए संघर्ष किया।वे पत्रिका के माध्यम से राजशाही के बिरोध में लिखना शुरू किए। अनेकों बार जेल गये। लेकिन वे झूके नहीं।वे हिन्दी के लिए हमेशा लड़ते रहे।वे एक साहित्यकार के साथ कवि भी हैं। मैथिली तथा हिन्दी के दर्जनों पुस्तकें लिखे हैं।

नेपाल हिन्दी सम्मेलन की शुरुआत किए।अव तक 29वार नेपाल हिन्दी सम्मेलन करवा चुके हैं। देश बिदेश के दर्जनों संस्थान से नेपाली जी सम्मानित हो चुके हैं।
उनके बीमार के खबर सुनते ही पूर्व राष्ट्रपति डॉ.राम बरण यादव, मधेश प्रदेश के गवर्नर हरिशंकर मिश्र, मुख्यमंत्री सरोज यादव, पूर्व गृहमंत्री भरत सिंह सहित मधेश प्रदेश के मंत्री , जनकपुरधाम के मेयर मनोज कुमार साह सहित साहित्यकार तथा पत्रकारों का आने का सिलसिला है। गंभीर बीमार के बाद भी साहित्य के प्रति चिंतित हैं।वे पुत्र राघवेंद्र साह बार्डाध्यक्ष हैं।