-महिला बिधायक के परिधान की चर्चा मधेश में
जनकपुरधाम /मिश्री लाल मधुकर।
30 दिसंबर शुक्रवार को नव निर्वाचित बिधायक ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
शपथ लेने के लिए बिधायक अपने परिजन तथा पार्टी के समर्थको के साथ आए थे।
महिला बिधायक भी नये परिधान (बेशभूषा) पहन कर आयी थी। लेकिन जसपा के बिधायक किरण कुमारी साह की चर्चा मधेश में ज्यादे है। किरण कुमारी साह मिथिलानी परिधान में आयी थी। नथिया, मंगल सूत्र, मेंहदी, सुसभ्य साड़ी पहनकर जव वे प्रदेश सभा पहुंची तो सभी का ध्यान उसी और गया। मिथिलानी परिधान में मैथिली भाषा में शपथ किरण कुमारी साह ने ली।

मिथिलानी परिधान में मैथिली शपथ लेने बाली किरण साह के इस कदम को जनकपुरधाम के मैथिली संस्थाओं से जुड़े पदाधिकारी ने प्रसन्नता जाहिर की हैं। कवि काशीकांत झा ने तो किरण कुमारी साह के इस कदम के बाद मैथिली में कविता भी लिख डाली। हालांकि कुछ लोगो ने इसके परिधान को लेकर बिरोध भी किया। इस के जबाब में किरण कुमारी साह ने कहा कि हम सदियो से चली आ रही मिथिला परिधान पहनी है। घूंघट में तो नहीं थी। अश्लील परिधान तो नहीं पहनी थी। भारत में भी बिधान सभा तथा लोक सभा में निर्वाचित बिधायक तथा सांसद अपने पारंपरिक बेश भूषा में शपथ लेते है।

उत्तराखंड में जो अभी उत्तराखंड सरकार में मंत्री हैं। वे अपने उत्तराखंड प्रचलित महिलाओं आई पोशाक में शपथ ली थी। मूझे गर्व है कि मैं मिथिलानी बेशभूषा में शपथ ली हैं। इसी तरह उर्मिला सिंह भी थारु की बेशभूषा में शपथ ली। कटवी, पहुंची, रूपैया छड़(गारन)
हंसुली चांदी कीगहना पहन कर वे शपथ ली। इसी तरह विमला अंसारी तवस्न्नुम ने भी बुर्का पहनकर आयी थी तथा उर्दू भाषा में शपथ ली।












