-500 साल पुराने बाबा खगेश्वरनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि की भव्य तैयारी, मतलुपुर में सजेगा राजकीय मेला, उमड़ेंगे हजारों शिवभक्त
मुजफ्फरपुर/बन्दरा।दीपक कुमार तिवारी।
प्रखंड क्षेत्र के मतलुपुर स्थित अति प्राचीन बाबा खगेश्वरनाथ मंदिर में आगामी 15 फरवरी को मनाए जाने वाले महाशिवरात्रि पर्व को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी मंदिर परिसर में भव्य मेले का आयोजन होगा, जिसमें आसपास के गांवों के अलावा जिले और अन्य क्षेत्रों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर मंदिर न्यास समिति, स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से तैयारियों में जुटे हुए हैं।
मंदिर के प्रधान पुजारी राजन पंडा ने सोमवार की शाम बताया कि महाशिवरात्रि को लेकर मंदिर परिसर की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। गर्भगृह की विशेष रूप से रंगाई की जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना में किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंदिर के गुम्बद की भी रंगाई की जाएगी। इसके अलावा बॉल पुट्टी और पेंटिंग का काम भी अंतिम चरण में है। मंदिर परिसर को आकर्षक रूप देने के लिए सजावट की जा रही है, जिससे दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक माहौल का अनुभव हो सके।
उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि से पहले श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बांस-बल्लों से बैरिकेटिंग की जाएगी। पुरुष और महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की जा रही है, ताकि दर्शन सुगमता से हो सके। मंदिर न्यास समिति के सचिव वैद्यनाथ पाठक ने देर शाम बताया कि न्यास समिति की ओर से बैरिकेटिंग और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी ली गई है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी भक्तों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

मेला परिसर में दुकानों की सजावट शुरू हो चुकी है। खिलौने, मिठाइयां, पूजन सामग्री और अन्य घरेलू सामानों की दुकानें लगने लगी हैं। बच्चों और युवाओं के मनोरंजन के लिए झूले भी लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही शिवभक्तों द्वारा अष्टयाम का आयोजन किया जाता है, जिसमें अखंड कीर्तन और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहता है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा के मद्देनजर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। बंदरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती रहेगी। वहीं हत्था थाना और जिला पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी, ताकि मेला शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
मंदिर का रहा है ऐतिहासिक महत्व:
गौरतलब है कि बाबा खगेश्वरनाथ मंदिर को बिहार सरकार के मेला प्राधिकार के तहत राजकीय मेले का दर्जा प्राप्त है। इस कारण सरकार के स्तर पर भी आवश्यक सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं। बिजली, पानी, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
धार्मिक दृष्टिकोण से यह मंदिर अत्यंत ऐतिहासिक और आस्था का केंद्र है। बताया जाता है कि यह मंदिर लगभग 500 वर्ष पुराना है। यहां स्थापित शिवलिंग को अलौकिक और स्वयंभू माना जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि शिवलिंग की तेज और चमक अद्वितीय है, जिसकी तुलना अन्यत्र नहीं मिलती। इसके प्राकट्य का कोई ठोस ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है, लेकिन स्थानीय लोगों के बीच इससे जुड़ी अनेक मान्यताएं और कथाएं प्रचलित हैं।
ग्रामीणों के अनुसार कई बार रात के समय मंदिर परिसर में दिव्य शक्तियों की गतिविधियों का आभास हुआ है। लोगों का कहना है कि यहां सच्चे मन से की गई पूजा-अर्चना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के कारण हर साल श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
धार्मिक ग्रंथों और स्थानीय कथाओं में भी इस क्षेत्र का उल्लेख मिलता है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम के अहिल्या स्थान भ्रमण के दौरान इस क्षेत्र से उनका आगमन हुआ था। शिव-गरुड़ संवाद से जुड़ी कथाओं में भी इस मंदिर परिसर का जिक्र बताया जाता है, जिससे इसकी प्राचीनता और महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
महाशिवरात्रि को लेकर पूरे मतलुपुर गांव में उत्साह का माहौल है। श्रद्धालु बेसब्री से इस पर्व का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन और मंदिर समिति की तैयारियों को देखते हुए इस बार भी बाबा खगेश्वरनाथ मंदिर में आस्था, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।








