-राम सीता का विवाह जानकी मंदिर धूमधाम से संपन्न
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर ।
अगहन शुक्ल पंचमी को जनकपुरधाम के जानकी मंदिर से प्रभु श्री राम तथा जगत जननी सीता का विवाह मिथिला बिधि बिधान के साथ संपन्न हो गया।
इस विवाह में राजा जनक की भूमिका में जानकी मंदिर के महंत राम तपेश्वर दास वैष्णव थे। राम तथा विग्रह स्वरूप को जीवंत रूप से विवाह का रूप दिया गया। मिथिला वासी माता सीता को बहन, बेटी के रूप में मानकर देवी देवता को सहभागिता सशरीर नहीं होने के बाद अदृश्य रूप में उनका वैवाहिक कार्यक्रम कर धन्य होते हैं। सीता राम के विवाह के समय महिलाएं चुमान करती है और गाती है।’चलू सखी देबअ चुमान हे।जनक जी के अंगना।
विवाह शुरू होने पर महिलाओं ने गीत गाकर सभी को मन विभोर कर दिया।
एक दिन आहे सीता मंदिर निपय गेली।
धनुषा देल ओड़्गठाय।
घर सं बहार भेली सुनयना।
बैस गेली देहरी झमाय।
सीता राम विवाह में अठौंगर,लहछू, समधि मिलन,धनबट्टी आदि रस्म अदा की गयी। महिलाओं ने उठू,उठू सखी लावा छिड़िआउ ,लावा अनुपम जोड़ी, सुंदर जोड़ी जैसे गीत राम सीता के विलक्षण सम्मिलन आध्यात्मिक तथा सांस्कृतिक चेतना को प्रेममय महोत्सव क्षण को जनक अंगना में इस तरह महिलाओं ने व्यक्त की।

आनंद बाजन बाजत सखी सब आनंद से।
आनंद अहीक अपार उमरी चारु आनंद हे।
सिया हेसिया कहां पावि गेलहुं।राम सन वर से सिया।
अवध पुर सन सासुर सिया,जनकपुर नैहर हे सिया।
जानकी मंदिर के प्रांगण में सुसज्जित मंच सीताराम का विवाह आयोजित किया गया।इस विवाह में विश्व हिन्दू परिषद के उपाध्यक्ष तथा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपतराय, विश्व हिन्दू परिषद के महामंत्री राजेंद्र सिंह पंकज, अयोध्या के मेयर गिरीश पति त्रिपाठी,उनकी धर्मपत्नी राज्य लक्ष्मी, अयोध्या जिला पंचायत के प्रतिनिधि सुरेश सिंह अयोध्या से आए बाराती, मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री सतीश कुमार सिंह , पूर्व उप प्रधानमंत्री विमलेंद्र निधि, स्थानीय सांसद जूली कुमारी महतो,भारतीय वाणिज्य महादूतावास वीरगंज के महावाणिज्य दूत श्री देवी सहाय मीणा, मधेश प्रदेश के कई मंत्री, जनकपुरधाम के मेयर मनोज कुमार साह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।














