स्पॉट:सीतामढ़ी के 17 प्रखण्ड मे 14 प्रखण्ड बाढ़ प्रभावित,पूरे ज़िले को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग

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सीतामढ़ी में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हैं।लोग अपने ही गांव में शरणार्थी बनकर जीने को विवश हैं।उनके घरों में पानी भरा है।ऊंचे स्थानों पर त्रिपाल के सहारे उनकी दिन कट रहे है। सरकार ने 14 प्रखंडों को बाढ़ प्रभावित बताया है।


आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दैनिक प्रतिवेदन के मुताबिक सीतामढ़ी जिले के 14 प्रखंड बाढ़ प्रभावित हैं। इन 14 प्रखंडों में सुरसंड, सोनबरसा, परिहार, रुनीसैदपुर, सुप्पी, डुमरा, पुपरी, चोरौत, बथनाहा, बोखड़ा, परसौनी और बेलसंड शामिल है. विदित हो कि पूरे अनुमंडल बेलसंड को बाढ़ प्रभावित घोषित किया गया है।

जिले के 14 प्रखंडों के 126 पंचायत बाढ़ प्रभावित हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इनमें एक लाख आठ हजार लोग प्रभावित हुए हैं।सरकारी आंकड़े कहते हैं किस जिले में 22 सामुदायिक रसोई का संचालन किया जा रहा है जिनमें 3302 लोग रोजाना भोजन कर रहे हैं।जिले में एक एसडीआरएफ की टीम ही भेजी गई है।



गौरतलब है कि सीतामढ़ी में अधवारा समूह, लखनदेई, रातो, मरहा, मनुषमारा, बागमती आदि नदियों से हर वर्ष बाढ़ आती है. लाखों लोग प्रभावित होते हैं। इस बार एनएच 104 पर भी बाढ़ का पानी चल रहा है जिससे आवागमन में लोगों को भारी दिक्कतें आ रही हैं।
आपको यह भी बता दें कि पूरी सीतामढ़ी जिले को बाढ़ प्रभावित घोषित करने की लगातार मांग की जा रही है। सांसद, पूर्व सांसद नवल किशोर राय, रीगा विधायक अमित कुमार टुन्ना समेत कई नेताओं ने जिले को बाढ़ प्रभावित घोषित करने की मांग की है।

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