एक्सक्लूसिव:बन्दरा के ग्रामीण इलाकों में चर्चा,-‘जिसने दिए दो हज़ार उनके बन गए हैं राशन कार्ड’

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बन्दरा।दीपक।


प्रखंड के पंचायतों में कई गांवों एवं टोलों से राशन कार्ड वितरण की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही आक्रोश गहराने की शिकायत मिलने लगी है।बताया जाता है कि कई इलाकों में राशन कार्ड बनाने के नाम पर फॉर्म जमा कराने के दौरान अवैध वसूली की गई थी। राशन कार्ड निर्माण के नाम पर करीब 1500 से 2000 रुपये तक वसूल किये जाने की चर्चा इन दिनों इलाके में है। वहीं वितरण में प्रतिनियुक्त शिक्षकों के द्वारा घर-घर या गांव के सार्वजनिक स्थलों/स्कूल में वितरण के बजाय मनचाहे समय एवं मनचाहे जगहों पर बुलाकर कार्ड वितरण शुरू किये जाने से लोगों में नाराजगी है। बताया जाता है कि ऐसे कई आर्थिक संपन्न और नौकरी पेशा धारी परिवारों के भी राशन कार्ड बने हैं।जिन्हें कार्ड की जरूरत नहीं है। जबकि बहुत वैसे अत्यंत निर्धन परिवार को भी राशन कार्ड नहीं मिल सका है जिन्हें इसकी अत्यंत जरूरत है।

प्रखंड के मुन्नी-बैंगरी पंचायत के कई गांव एवं कस्बों से दर्जनों लोगों ने इस मामले में सोमवार को बताया कि उनके यहां कार्ड निर्माण के नाम पर अवैध वसूली की गई है।जिन लोगों ने राशि जमा कराया उनके कार्ड बन गए हैं। जिन्होंने सिर्फ फॉर्म जमा कराया। बहुतों के कार्ड नहीं बन सके हैं। इसी तरह की शिकायत प्रखंड के कई अन्य पंचायतों एवं कस्बों से मिल रही है। ग्रामीणों का बताना है कि पिछले बार कई शिक्षकों के द्वारा भी ग्रामीणों के राशन कार्ड को दबाकर रखा गया था और कार्ड निर्गत करने के नाम पर जरूरतमंदों से अवैध वसूली की गई थी । इसबार भी ऐसे कई दागदार शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति राशन कार्ड वितरण में कर दी गई है। इस कारण से भी लोगों में नाराजगी है। ग्रामीण सूत्रों का बताना है कि राशन कार्ड वितरण की बात को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ना शुरू हो गया है और इसके शिकार वितरण कार्य में शामिल शिक्षक एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि भी हो सकते हैं ।यह कभी भी हिंसक झड़प या विवाद का रूप ले सकता है।इस संबंध में बन्दरा के बीडीओ अलख निरंजन का बताना है कि राशन कार्ड निर्माण के लिए लॉकडाउन के दौरान सरकार के निर्देश पर लोगों से फॉर्म सम्मिट कराए गए थे।वार्ड सदस्य एवं जीविका के माध्यम से फॉर्म जमा कराए गए थे। इसमें कुछ लोगों के कार्ड निर्गत हुए हैं।

जिन्हें प्रखंड के शिक्षकों के माध्यम से वितरण की कार्रवाई कराई जा रही है। अभी सभी लोगों के राशन कार्ड नहीं बने हैं।जैसे-जैसे कार्ड बनकर आते रहेंगे।वैसे-वैसे वितरण की कार्रवाई जारी रहेगी ।जिन लोगों के कार्ड नहीं बनेंगे।उन्हें बाद में फॉर्म ‘ख’ भरवाया जाएगा। इधर जीविका के कर्मियों का बताना है कि उन लोगों ने गांव वाले से फॉर्म सबमिट कर प्रखंड के आरटीपीएस काउंटर पर जमा करा दिया था। अब किन कारणों से कार्ड निर्माण नहीं हो सका यह प्रखंड की जिम्मेवारी है।

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