शनि कल से चलेंगे उल्टी चाल, इन राशियों के लिए बनेंगे परेशानी की वजह

img-20200419-wa0006-72781328379817793567.jpg
img-20200419-wa0000-85277475373482181001.jpg
img-20200419-wa0005-74006513932818183178.jpg

शनि को कर्मफल दाता माना जाता है.शनि ग्रह के सम्बन्ध मे अनेक भ्रान्तियां और इस लिये उन्हे मारक,अशुभ और दुख कारक माना जाता है.लेकिन शनि उतना अशुभ और मारक नही है, जितना उन्हे माना जाता है.ज्योतिष विद्वानों का मत है कि शनि शत्रु नही बल्कि मित्र है.वह मोक्ष प्रदान करने वाले एक मात्र ग्रह है.शनि प्रकृति में संतुलन पैदा करते हैं,और हर प्राणी के साथ उचित न्याय करते है.जो लोग अनुचित विषमता और अस्वाभाविक समता को आश्रय देते हैं, शनि केवल उन्ही को दण्डिंत या प्रताडित करते हैं.

शनि कल 11 मई दिन सोमवार को सुबह 09:39 बजे से वक्री हो जायेंगे यानि उल्टी चाल चलेंगे और अगले 29 सितंबर तक इसी अवस्था में गोचर रहेंगे.जैसे ही शनि की चाल बदलेगी उसके साथ हमें भी अपने आस-पास बहुत कुछ बदलता हुआ दिखाई देगा.शनि का यह बदलाव हमें अपनी पर्सनल,प्रोफेशनल से लेकर सोशल लाइफ तक में देखने को मिलेगा.शनि इस समय मकर राशि में गोचर कर रहे हैं.जब शनि वक्री होते हैं तो विशेष रूप से उस राशि के लिए कष्टदायी रहने की संभावनाएं ज्यादा रहती है जिसमें वह गोचर कर रहे हैं.हालांकि यह अन्य राशियों पर भी प्रभावी रहते हैं.वक्री शनि किन राशि के जातक के जीवन में राशिनुसार कष्टकर हो सकते हैं और इससे उबरने का क्या समाधान हो सकता है।
क्या है शनि के वक्री होने का मतलब :

वैदिक ज्‍योतिष में शनि के महत्‍व का जिक्र है.आमतौर पर सभी ग्रह ब्रह्मांड में रैखिक प्रतिरूप में घूमते हैं. ज्‍योतिषशास्‍त्र कहता है कि प्रत्‍येक ग्रह समय-समय पर राशि परिवर्तन कर नई राशि में प्रवेश करता है. हालांकि, कभी-कभी ग्रह पीछे की ओर भी गोचर करते हैं और कल 11 अप्रैल से शनि भी गोचर करते हुए वक्री यानि पीछे की तरफ अपनी चाल चलेंगे. शनि हर साल गोचर करते हुए वक्री होते हैं और वक्री होकर शनि लगभग साढ़े चार महीने तक एक ही राशि में विचरण करते हैं।
किन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव :

शनि के गोचर करते हुए वक्री होने की दशा का प्रभाव धनु , मकर , कुंभ, मिथुन व तुला राशि पर पड़ेगा. धनु ,मकर और कुंभ राशि पर इस समय साढ़े साती चल रही है जिस कारण शनि का वक्री होना इन राशियों के जातकों को परेशानी में डाल सकता है वहीं मिथुन और तुला पर शनि की ढैय्या दशा चल रही है इसलिए इन राशि के जातकों को भी अभी बेहद सावधान रहने की जरुरत है. शनि का वक्री चाल इन्हे संकट में डाल सकता है.
कैसी परेशानियों से करना पड़ सकता है सामना:

– अगर किसी जातक की कुंडली में शनि वक्री चल रहा है तो इसका मतलब है कि उस जातक को अपने जीवन में उस दौरान कभी सुख की प्राप्ति नहीं होगी.वह चिंतित रहेगा व निजी जीवन में उसे परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
– कुंडली में शनि वक्री चाल चल रहा हो तो वह व्‍यक्‍ति अपने करियर में उतार-चढाव व परेशानियों का सामना कर सकता है.
– उस जातक को हमेशा तनाव में रहना पड़ सकता है वहीं डिप्रेशन इन्‍हें घेरे रह सकता है.
– इन्‍हें संतुष्‍टी नहीं हासिल होती .तमाम प्रयासों के बाद भी ये खुश नहीं रह सकते हैं.
– शनि की वक्री दशा वाले जातक निराशावादी बन जाते हैं और यह उन्हे मानसिक रुप से परेशान रखता है.
– शनि के व्रकी होने का आपके जीवन में कुछ ऐसा ही असर पड़ सकता है.लेकिन माना जाता है कि कुछ ज्‍योतिषीय उपायों की मदद से वक्री शनि के अशुभ प्रभावों को कम किया जा सकता है.
क्या हैं शनि के उपाय :

– शनि के प्रकोप से बचने के लिए शनिवार को व्रत रखना चाहिए .
– हनुमान जी की पूजा करने से भी शनि का दुष्प्रभाव दूर हो सकता है.
– शनिवार के दिन पीपल के पेड पर जल जरुर अर्पित करना चाहिए.
– शाम के समय सरसों के तेल का दीपक जलाने से भी लाभ मिलता है.

a2znews