स्पॉट:PHC में एम्बुलेंस और इमरजेंसी इलाज की व्यवस्था नहीं,अब बंदरा के गांव-कस्बों में AES के प्रति चलेगा जनजागरूकता का अभियान

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बंदरा । संवाददाता।

वरीय अधिकारियों के निर्देश पर बंदरा प्रखंड के पीएचसी को प्रखंड स्तर का सेंटर बनाया गया है। बंदरा के प्रखंड विकास पदाधिकारी अलख निरंजन है मंगलवार को बताया पीएचसी के प्रभारी डॉ अरुण कुमार को सेंटर का प्रभारी बनाया गया है ।प्रखंड क्षेत्र के सभी पंचायतों एवं गांव-कस्बों में एईएस के प्रति लोगों में जन जागरूकता लाने के लिए अभियान चलायी जाएगी। अभियान की सफलता के लिए प्रखंड स्तर के सभी विभागीय पदाधिकारियों की बुधवार को एक विशेष प्रशिक्षण होगी। जिसमें जिला से भेजे गए ट्रेनर प्रशिक्षण देंगे। जिसके बाद प्रखंड के सभी पत्रकारों,शिक्षकों एवं प्रबुद्ध लोगों को इसके लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।उसके बाद पंचायतों के स्तर पर प्रशिक्षण शिविर लगाए जाएंगे। सभी मिशनरी को इसके प्रति जन जागरूकता लाने के लिए हर स्तर पर लगाया जाएगा। आपको बता दें कि हाल के वर्षों में एईएस के चपेट में आने से अकस्मात रूप से बच्चों की मौत हो जाती है। इस बीमारी के चपेट में आने से हाल के वर्षों में सौकड़ों बच्चों की अकाल मौत हो चुकी है। मुजफ्फरपुर इसका केंद्र रहा है।प्रखण्ड के इंदु देवी,रेखा कुमारी,गुड्डू कुमार,पवन पण्डित,शम्भू साह,फेकु राम आदि कई मुखियों का बताना है कि बंदरा पीएचसी को भले ही प्रखण्ड का सेंटर बनाया गया है लेकिन यहां अबतक न इमरजेंसी चेकअप और इलाज की व्यवस्था है और न मरीजों को ले जाने के लिये एम्बुलेंस की ही सुविधा है।इससे बंदरा प्रखण्ड के साथ उपेक्षा का भाव दिखता है।

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