फर्जी डॉक्टर बनकर पॉजिटिव वार्ड में घुसे दो व्यक्ति,मरीज को खिलाई दवा!

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गया। संवाददाता।

बिहार के गया जिले में मगध मेडिकल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में जहां पर कोरोना पॉजिटिव मरीजों को इलाज के लिये रखा गया है. वहीं अस्पताल कर्मियों की लापरवाही सामने आई. रविवार की रात करीब नौ बजे दो व्यक्ति फर्जी डॉक्टर बनकर कोरोना वार्ड में घुस गये. कोरोना वार्ड में भर्ती पॉजिटिव मरीजों को दवा भी खिलाई. कोरोना पॉजिटिव मरीज को दवा खिलाकर बाहर निकलते वक्त अस्पताल के ही एक कर्मचारी ने उन्हें देख लिया. इसके बाद एक व्यक्ति भाग निकला. वहीं दूसरा व्यक्ति पकड़ा गया. जानकारी के अनुसार पकड़ा गया व्यक्ति एक प्राइवेट अस्पताल में सोनोलॉजिस्ट का काम करने वाला वीरेंद्र चौधरी बताया जाता है. कोरोना वार्ड के नोडल अधिकारी डॉ एनके पासवान ने बताया कि दो व्यक्ति दवा खिलाने के लिये कोरोना वार्ड में डॉक्टर बन कर घुस गये. यह घटना रविवार की रात की है. दोनों ने मरीज को दवा भी खिला दी.उन्होंने बताया कि वीरेंद्र चौधरी नाम के व्यक्ति को पकड़ लिया गया है. एक भागने में सफल रहा. भागनेवाला व्यक्ति माड़नपुर का रहने वाला कोई बैद्य बताया जा रहा है. पुलिस को तलाशने के लिए कहा गया है. दोनों ने किट पहन रखी थी. इस कारण डॉक्टर होने की समझ में सिक्यूरिटी गार्ड ने उन्हें वार्ड में जाने दिया. इस मामले में सिक्यूरिटी गार्ड वार्ड में तैनात अन्य कर्मी पर केस दर्ज कराया जा सकता है. दो दिन पहले ही सिक्यूरिटी एजेंसी को हिदायत दी गयी थी. इस तरह की गलती को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है. ऐसे में कोई भी व्यक्ति मरीज को हानि पहहुंचाने के लिये भी वार्ड में पहुंच सकता है. अस्पताल अधीक्षक डॉ विजय कृष्ण प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में हर रोज नई मुशीबत आ रही है.
उन्होंने ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव मरीज के पास बाहरी व्यक्ति पहुंचकर दवा खिला दी है. इसमें जो भी दोषी होंगे उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा. पकड़े गये व्यक्ति को क्वारेंटिन सेंटर भेजा जा रहा है. मगध मेडिकल थानाध्यक्ष फहीम आजाद ने कहा कि अस्पताल में तैनात पुलिस के जवान किट पहनने के बाद किसी को नहीं पहचान सकते. लेकिन, यहां हर दिन काम करने वाले कर्मचारी, नर्स व अन्य स्टॉफ के साथ सिक्यूरिटी गार्ड तो सभी को पहचानते हैं. इसके बाद भी कोई नहीं पहचान सका. रात होते ही सभी कर्मचारी गायक हो जाते है. यह बात कई बार सामने आ चुकी है. उन्होंने कहा कि किस परिस्थिति में दो या एक व्यक्ति कोरोना वार्ड में गये. यह जांच का विषय है. अस्पताल प्रशासन की ओर से लिखित शिकायत मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा. इधर, अस्पताल में चर्चा का विषय है कि इन दोनों व्यक्तियों के पास किट कहां से उपलब्ध हुआ. कुछ लोगों का कहना है कि अस्पताल से ही दोनों को किट मिला होगा.

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