लॉकडाउन से दूसरे राज्यों में फंसे हैं बिहार के 500 से अधिक लोग,मदद के लिए लगाई गुहार

संवाददाता।पटना

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को लेकर देशभर में लॉकडाउन किया गया है. ऐसे में बिहार के श्रमिक देशभर के विभिन्न राज्यों में फंस गये है. मंगलवार और बुधवार को तमिलनाडु, दिल्ली और बंगाल से कुछ एक श्रमिकों श्रम विभाग के दफ्तराें में फोन आया था. जिसके बाद श्रम अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के लेबर कमिश्नर से बात कर उनके खाने-पीने और सुरक्षा के संबंध में आग्रह किया है. श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विभाग गुरुवार को टोल फ्री नंबर जारी करेगा. जिससे कोई भी बाहर फंसा व्यक्ति विभाग से मदद मांग सकेगा.

दिल्ली में 250 से अधिक श्रमिकों का आंकड़ा:

श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार ने दिल्ली में बिहार के श्रम पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि दिल्ली सरकार और श्रम विभाग से बात कर श्रमिकों के खाने-पीने की व्यवस्था वहीं करे. ताकि लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों को दिल्ली में परेशानी नहीं हो. श्रम मंत्री विजय कुमार सिन्हा के मुताबिक दिल्ली में 250 से अधिक जरूरतमंद श्रमिकों की संख्या है, जो अभी भी दिल्ली में है.केरल में फंसे बिहारी मजदूरों की व्यवस्था:

पीएम द्वारा घोषित लॉॅकडाउन के कारण बिहार के मजदूर जगह-जगह फंसे हुए हैं. केरल के त्रिसूर में पश्चिम चंपारण के 50 मजदूर फंसे हुए हैं. भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने बिहार के गृह सचिव से बात कर उनसे मजदूरों के ठहराव व भोजन की उचित व्यवस्था करने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि बिहार सरकार से लॉकडाउन के कारण जगह-जगह फंसे मजदूरों की सुरक्षा, ठहराव व भोजन की उचित व्यवस्था की मांग करती है. कई जगह से इस प्रकार की रिपोर्ट आ रही हैं.बता दें कि बिहार में कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आनेवाले मरीजों की संख्या छह तक पहुंच गयी है. बुधवार को मरीजों की आयी जांच रिपोर्टें में दो पॉजिटिव हैं. आरएमआरआइ के निदेशक डॉ पीके दास के मुताबिक, बुधवार को 90 संदिग्धों के सैंपलों की जांच रिपोर्टें आयीं. इनमें दो रिपोर्ट पॉजिटिव हैं. डॉ दास ने कहा कि अभी और 38 सैंपलों की जांच हो रही है.गौरतलब है कि कोरोना वायरस के कारण पूरा देश 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है. जरूरी सेवाओ‍ं को छोड़ कर सभी चीजों को बंद कर दिया है.

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