स्पॉट : मोतिहारी के कई महत्वपूर्ण स्थानों को कराया गया सैनिटाइज

मोतिहारी।अशोक वर्मा।

राधा कृष्ण सेवा संस्थान ट्रस्ट मोतिहारी के अध्यक्ष डाॅ0 शम्भूनाथ सिकरीया के नेतृत्व में व्यवहार न्यायालय परिसर के साथ-साथ सदर अस्पताल, फेनहारा, चकिया, केसरिया, मोतिहारी, पीपराकोठी एवं पकड़ीदयाल पी0एच0सी0 को सेनेटाईज कराया गया। सिविल सर्जन मोतिहारी द्वारा निर्देशित स्वास्थ्य समिति के सदस्यों को कुल 41 सलेण्डर सेनेटाईजर किया गया । नगर परिषद द्वारा भी वार्डो को सेनीटाईज किया जा रहा है।इतना हैं नही चकिया, रक्सौल नगर परिषद् के साथ हीं प्रखण्डों ,पंचायतों को भी सेनिटाइज कराने के लिये संबंधित विभागों से संपर्क किया गया।


डॉ0 सिकरिया द्वारा विकट परिस्थिति तथा आपातकाल में आगे बढ़कर हमसा से सेवा की जाती रही है।ट्रस्ट द्वारा की जा रही है।इनके समाज सेवा की सर्वत्र प्रशंसा की जा रही है ।सनद रहे कि लंबे समय से प्राकृतिक आपदा के समय राधा शिकारिया सेवा ट्रस्ट द्वारा पीड़ितों की सेवा की जाती रही है ।चाहे बाढ़ का समय हो या सुखा का समय या अन्य प्राकृतिक आपदा का समय हो शंभू शिकारिया का आवास सेवा कार्य के लिए खुला रहता है ।इतना इतना ही नहीं जिले के विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों में भी डॉक्टर शंभू सिकारिया बढ़-चढ़कर भाग लेते रहे हैं । तन मन धन से उनका सहयोग अन्य संस्थाओं को बराबर मिलता रहा है। सांस्कृतिक आयोजनों में भी डॉक्टर शंभू शिकारिया बढ़-चढ़कर भाग लेते रहे हैं तथा हर तरह से अपना सहयोग देते रहे है। जिले मे जितने भी बड़े प्रोग्राम हुए हैं, सभी प्रोग्रामों मे इनका सहयोग रहा है ।आईएएस पुत्र के पिता डॉ0 सिकारिया के पिता राधा सिकरिया नगर में कई स्थाई सामाजिक कार्य करके कीर्तिमान स्थापित किया है। और डॉक्टर शंभू सिकारिया अपने पिता के परंपरा को कायम रखते हुए समाज के हर विपत्ति के समय में आगे बढ़कर सेवा का कार्य करते रहे हैं। चम्पारण वासियों के लिये यह गर्व की बात है।कोरोना सुरक्षा हेतु सैनिटाइजर की व्यवस्था जैसे इस महत्वपूर्ण सामाजिक कार्यक्रम की रूपरेखा 20 मार्च को शम्भू सिकरिया के आवास पर तय की गई ।वरिष्ठ पत्रकार चंद्र भूषण पांडेय, राकेश ओझा , जमुना सिकरिया और पत्रकार आलोक वर्मा बैठकर इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को तय किया । चुकी सेनिटाइजर बाजार से गायब हो गये थे और जो बचे थे वो ब्लैक में मिल रहे थे। बैठक मे निर्णय लिया गया कि क्यों न खुद सैनिटाइज बनाई जाये, और डॉक्टर सिकारिया के आवास पर ही सेनीटाइज बनाने का निर्णय लिया गया। अगले दिन से हीं काम शुरू हुआ। इस संस्था ने इतनी बड़ी मात्रा में सेनिटाइजर बनाकर जिले भर के सार्वजनिक स्थलों पर स्वयं पहल करऔर प्रसाशन की सहायता से सेनिटाइज कराया ।

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