कैबिनेट का आया फैसला,बिना नेट और गेट पास भी अब इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक कॉलेजों में बन सकेंगे शिक्षक

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संवाददाता।पटना

राज्य के इंजीनियरिंग व पॉलिटेक्निक कॉलेजों में अस्सिटेंट प्राेफेसराें की बहाली के लिए नेट और गेट की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा नियमावली की तर्ज पर राज्य सरकार ने नियमावली बनाई है। इसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। अब बीई, बीटेक, एमई, एमटेक के साथ ही बीएस और एमएस पास भी शिक्षक बन सकेंगे। प्रधान सचिव डॉ. दीपक प्रसाद ने बताया कि बिहार पॉलिटेक्निक सेवा नियमावली-2020 और अभियंत्रण शिक्षा सेवा नियमावली-2020 को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।

नियुक्ति के लिए 100 अंकों का होगा टेस्ट:

नई नियमावली के तहत इंजीनियरिंग कॉलेजों में अस्सिटेंट प्राेफेसराें और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में व्याख्याताओं की बहाली के लिए 100 अंकों की परीक्षा होगी। इसमें 40 अंक के दीर्घउत्तरीय की बजाए अब वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे। वहीं आवेदक के पुस्तक-पेपर प्रकाशन पर अधिकतम 20, संगोष्ठी के आयोजन व प्रेजेंटेशन पर अधिकतम 20, अनुसंधान के लिए अधिकतम 10 व पीएचडी के लिए 10 अंक तक दिए जाएंगे।स्वच्छता निरीक्षक की भर्ती के लिए उम्र अब 21 नहीं 18
बुनियादी स्वास्थ्य कार्यकर्ता व स्वच्छता निरीक्षक की भर्ती के लिए उम्र सीमा 21 से 18 वर्ष की गई है। दोनों सेवाओं के लिए नई नियमावली को मंजूरी मिली है। बहाली तकनीकी सेवा आयोग करेगी।वित्तरहित शिक्षकों के लिए मिले 630 करोड़ रुपए वित्तरहित शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए 630 करोड़ रुपए दिए हैं। माध्यमिक-उच्च माध्यमिक शिक्षण संस्थानों को राशि का भुगतान परीक्षा के रिजल्ट के आधार पर किया जाएगा।इस बार 2 लाख 16 हजार करोड़ रुपए का बजट
बिहार का इस बार का बजट 2 लाख 16 हजार करोड़ रुपए का होगा। यह चालू वित्तीय वर्ष के बजट से 15 हजार करोड़ रुपए अधिक है। बुधवार को कैबिनेट ने नए बजट के प्रारूप को मंजूरी दे दी। 25 फरवरी को बजट विधानसभा में पेश होगा। सूत्रों के अनुसार जल-जीवन-हरियाली अभियान के लिए बजट प्रावधान की वजह से इस रकम में इजाफा हुआ है। सबसे अधिक राशि शिक्षा विभाग के लिए दी गई है।मीठापुर से महुली तक 8.8 किमी लंबे रोड प्रोजेक्ट पर मुहर, 1031 करोड़ खर्च होंगे:

1031 करोड़ की लागत वाले 8.8 किमी. लंबे मीठापुर आरओबी से महुली तक के रोड प्रोजेक्ट को बुधवार को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। मुंबई की श्रीखंडे कंसल्टेंट- नेसेंस कंसल्टेंट (जेवी) ने डीपीआर बनाया है। अब टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी। दक्षिणी पटना के इस पहले महत्वपूर्ण रोड प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण की समस्या नहीं है। सरकार की योजना वर्ष 2021-22 तक इसे पूरा करने की है। पटना में मीठापुर आरओबी से महुली (पटना-गया-बोधगया रोड) तक इस रोड प्रोजेक्ट के लिये जापान की एजेंसी जाइका से राज्य सरकार 70 प्रतिशत लोन लेगी। वहीं सिपारा में दाे लेन के अारअाेबी काे भी मंजूरी मिली है। यह हाईवे पटना न्यू बाईपास (अनीशाबाद-पहाड़ी जीरो माईल) के नीचे से पार होगा। मीठापुर आरओबी के करबिगहिया साइड गोलंबर से सिपारा रेलवे गुमटी (2.5 किलोमीटर) तक यह रोड प्रोजेक्ट पटना गया रेलवे लाइन के पूर्व दिशा में सरकारी जमीन पर बनेगा।

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