रघुवंश की चिट्ठी ने RJD में मचाया घमासान,एक्शन में आये लालू!

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गोविन्द पाण्डेय। पटना(बिहार)।

बीते कुछ दिन पहले रघुवंश प्रसाद ने लालू प्रसाद जी को चिट्ठी लिखकर कहा था पार्टी में कुछ ठीक नहीं चल रहा है । बीते कुछ दिनो से आरजेडी के दो दिग्गज नेताओं राघुवंश प्रसाद सिंह और जगदानंद सिंह के बीच तनातनी की चल रही है और दोनों आरजेडी के मजबूत पिलर है दोनों पार्टी के संकट मोचन है दोनों को आपस में बैठ जो भी मामला है सुलह करना होगा जो की आपके सिवा और कोई नहीं कर सकता । वही पार्टी विस्तार को लेकर लिखा था कि क्या अब तक कमेटी नहीं बननी चाहिए थी । क्या संगठन को बिना संघर्ष के संगठन मजबूत किया जा सकता है । सबसे बड़ा जनाधार और सबसे बड़ी फौज वाली पार्टी को मजबूत कर क्या हम चुनाव की तैयारी में नहीं लगना चाहिए । इसके साथ ही उन्होंने तेजस्वी यादव को भी अधिक एक्टिव रहने की भी सलाह दी थी । अब खबर है कि तल्ख अंदाज में लिखी गई रघुवंश प्रसाद सिंह की चिट्ठी को पार्टी हाईकमान यानि लालू प्रसाद न सिर्फ स्वीकार कर लिया है, बल्कि कार्रवाई भी शुरू कर दी है । लालू यादव को जैसे ही इस चिठ्ठी की जानकारी मिली वे तुरंत एक्शन में आए । पहले तो लालू ने आरजेडी के प्रदेश कमिटी को यह निर्देश दे दिया है कि संगठन मजबूती को लेकर जो सुझाव आए हैं, उस दिशा में न सिर्फ मजबूती से काम हो, बल्कि पहले चरण में जिलास्तरीय कमिटी का गठन भी किया जाए । सूत्र बताते हैं कि तेजस्वी को लेकर भी लालू का फरमान आया है ।
लालू के एक्शन में आते ही दिल्ली से पटना तक हड़कंप मच गया । दरअसल, चिट्ठी लिखे जाने के दौरान तेजस्वी यादव दिल्ली में ही थे ।  इस बीच, लालू यादव का संदेश मिला कि आप फौरन पटना पहुंचें । और SC-ST के आरक्षण को लेकर जो बिहार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है, उसमें जरूर शामिल हों । आनन-फानन में तेजस्वी 13 जनवरी को सुबह की फ्लाइट से पटना पहुंचे और एयरपोर्ट से सीधे अपने बड़े भाई तेजप्रताप के साथ सदन की कार्यवाही में शामिल भी हुए । अगले दिन यानि 14 जनवरी को राबड़ी आवास पर जगदानन्द और तेजस्वी की मुलाकात हुई ।  करीब दो घंटे की मुलाकात के बाद तेजस्वी गया के लिए रवाना हो गए । जहां वह NRC/CAA को लेकर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने में शामिल हुए । तेजस्वी के लगातार गायब रहने के इस बात से भी लालू बेहद नाराज बताए जाते हैं । यही नहीं जगदानंद सिंह के बयान को लेकर जो महागठबन्धन के सहयोगी दलों के बीच मनभेद और मतभेद उभरे हैं, उसे पाटने या डैमेज कंट्रोल करने के लिए ही लालू के निर्देश पर तेजस्वी कांग्रेस के दही-चूड़ा भोज में भी शामिल भी हुए । लालू के एक्शन में आने के बाद उसमें और तेजी आ गई है । लालू यादव से माना जा रहा है कि पार्टी के दो दिग्गजों की आपसी अदावत भी वे दूर कर देंगे । पार्टी अब एक्सॉन मुंड में दिख रही है ।

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