देश रत्न की जयंती पर नगर मे कई कार्यक्रम

संवाददाता।  मोतिहारी।

देश रत्न डा०राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर गांधी संग्रहालय के सभागार मे आयोजित विचार गोष्ठी का उद्घाटन पूर्व मंत्री बृजकिशोर सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर किया।अध्यक्षता करते हुए लोक समिति के अध्यक्ष राय सुंदर देव शर्मा ने कहा कि चंपारण सत्याग्रह मे गांधी जी से ज्यादा समय राजेंद्र बाबू ने दिया था।किसानो का बयान उन्होंने लिखी।राजेंद्र बाबू से नेहरु ने राष्ट्रपति बनने से इनकार करने का लिखित पत्र लिया था।बाद मे देश की जनता की मांग पर उनको राष्ट्रपति बनाया गया।नेहरु ने एक प्रस्ताव बाद मे लाया कि दुबारा राष्ट्रपति कोई नहीं बनेगा,लेकिन पूनः वे बनाये गये।

राष्ट्रपति से हटने के बाद नेहरु ने उनको मकान भी नहीं दिया।राजेंद्र बाबू को पटना मे खपरैल मकान मिला।दम्मा के मरीज थे राजेंद्र बाबू।जब जयप्रकाश नारायण वहां जाकर देखा तब सीलन वाले घर को देखा और फटकारा तब नया बनाया गया।मृत्यु के बाद नेहरु के मना करने के कारण बडे पद वाले प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति राजेंद्र बाबू के अंतिम संस्कार मे शामिल नहीं हुये।गुजरात के गौरव पटेल जी को वर्तमान केंद्र सरकार ने माना,लेकिन विहार मे राजेंद्र बाबू को बडा सम्मान नहीं दिया गया।सादगी और विद्वता के मिशाल राजेंद्र बाबू के जीवन से नई पीढी को अवगत होना चाहिए।बृजकिशोर सिंह ने राजेंद्र बाबू को संत एवं महामानव कहा।शशिकला ने कहा कि देश हीं नहीं विश्व के लिए राजेंद्र बाबू आज भी प्रेरणा के श्रोत हैं,अशोक वर्मा ने कहा कि राजेंद्र बाबू के गुणो को अपने जीवन के स्वरुप मे लाना होगा।यही उनके प्रति सही सम्मान और आदर होगा।डा.आलोक ने कहा कि राजेंद्र बाबू का स्वतंत्रता संग्राम मे जो योगदान था वह गांधी से कहीं भी कम नहीं था।अरविंद कुमार ने कहा कि राजेंद्र बाबू पर पुस्तक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन होना चाहिये।संगोष्ठी को संबोधित करने वालो मे ई० मुन्ना,डा० राजेश असथाना एवं अन्य थे।

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