विधानसभा के नये भवन में विशेष सत्र, विधायकों ने की मोटर व्हीकल एक्ट में राहत की मांग

 

संवाददाता  । रांची।

झारखंड को 19 साल बाद अपना नया विधानसभा भवन मिल गया. आज विशेष सत्र आमंत्रित किया गया. राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के बाद विशेष सत्र शुरू हुआ. नये विधानसभा को लेकर सदस्यों ने अपने विचार रखे. इस मौके पर जेएमएम के विधायकों ने विशेष सत्र से दूरी बनाये रखी. संसदीय कार्य मंत्री ने कहा, मैंने निजी तौर पर पूर्व मुख्यमंत्रियों को न्यौता दिया. मैंने प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन को फोन किया लेकिन उन्होंने समय नहीं दिया. कई विधायकों ने अपनी बात रखते- रखते नये मोटर व्हीकल एक्ट में राहत की मांग की.राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने नये विधानसभा पर बधाई देते हुए कहा, मुझे प्रसन्नता और गर्व हो रहा है. विधानसभा की खूबियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यहां सिर्फ ईटों और पत्थरों से बना हुआ भवन नहीं है, लोकतंत्र का जीवंत मंदिर है. यहां बिजली की बचत, जल संरक्षण के साथ- साथ राज्य की कला और संस्कृति को भी स्थान दिया गया है. राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा, मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि राज्य की इस सर्वोच्च प्रतिनिधि संस्था के सदस्यगण अपने दलीय प्रतिबद्धता से ऊपर उठ कर अपनी राज्य की जनता की भलाई के लिए काम करेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने क्या कहा :

विधायकों को संबोधित करते हुए स्पीकर ने कहा, माननीय सदस्यगण यह नवनिर्मित विधानसभा भवन में चतुर्थ झारखंड विधानसभा का आखिरी सत्र है. कुछ दिनों बाद पांचवीं विधानसभा के लिए आगाज होगा हम एक बार फिर चुनाव के मैदान में होंगे आज के इस ऐतिहासिक अवसर पर मैं आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं. चतुर्थ विधानसभा सत्र झारखंड के अबतक के सभी सत्रों से बड़ा रहा. इससे पहले कुल 17 सत्र आयोजित किये गये, जिनमें कुल 127 कार्यदिवस की बैठक हुई. इस दौरान कुछ छह अवसरों पर सत्र को राज्यपाल ने संबोधित किया है. राज्य सरकार के वित्त मंत्री की ओर से कुल छह बार बजट भाषण पढ़े गये, दो विधानसभा संसोधन विधेयकों पर सभा का समर्थन प्राप्त हुआ. 130 विधेयक सभा में पुर्नस्थापित किये गये. जिनमें से 127 को सभा ने पारित किया. इन सत्रों के दौरान 9 हजार 4 सौ 55 प्रश्नों की सूचनाएं सदस्यों से प्राप्त हुई जिनमें दो हजार 1 सौ 18 अल्पसूचित, छह हजार 51 तारांकित और 1 हजार 86 अतारांकित रूप से स्वीकार किये गये. इनमें 5 सौ छह के मौखिक उत्तर सरकार के मंत्रियों द्वारा दिये गये जबकि शेष नब्बे फीसद से ज्यादा प्रश्नों के लिखित उत्तर भी प्राप्त हुए. पांच विधायकों पर प्रवर समितियां गठित हुई. अबतक आठ विधयकों पर राष्ट्रपति की अनुमति प्राप्त हुई है.

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने क्या कहा:

चतुर्थ विधानसभा के हम आखिरी सत्र में हैं. राज्यपाल महोदया के दिशा निर्देश पर यह सरकार काम करेगी मैं विश्वास दिलाता हूं. विधानसभा के नये भवन के स अवसर पर नेता प्रतिपक्ष सहित सभी सदस्यों को बधाई, अभिनंदन. मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति का जिक्र करते हुए कहा, राजनीति में प्रतिस्पर्धा होती है लेकिन लोकतंत्र के मंदिर से कैसा बैर, हमारे संसदीय कार्य मंत्री नेता प्रतिपक्ष से मिलना चाहते थे लेकिन उन्होंने समय नहीं मिला।नये विधानसभा भवन की विशेषताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, हरा भरा खूबसूरत परिषर जहां विधानसभा बना है. यहां मुद्दों पर बहस चर्चा सहित फैसले होंगे. नये विधानसभा का श्रेय हमारी सरकार को नहीं झारखंड की सवा तीन करोड़ की जनता का है. लोगों की आकांक्षाएं थी . यहां से विस्थापित हुए लोगों के लिए 400 घर बनेगा. यहां हर तरह की सुविधा होगी . मुख्यमंत्री ने इस मौके पर विधायकों द्वारा उठायी गयी समस्याओं का भी जिक्र किया. बिजली की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, तीस लाख घरों में बिजली नहीं थी. हमने बिजली पहुंचायी. हमारे पास 134 ग्रीड होनी चाहिए, नहीं है. अभी 59 ग्रीड बन रहे है. स्टेशन बन रहे हैं 2020 मार्च तक गांवों में 24 घंटे बिजली होगी. हम नये साल में जीतकर यहां पहुंचेंगे, नयी उर्जा , नयी उमंग के साथ काम होगा.

विधायकों ने क्या कहा

प्रदीप यादव ( गोड्डा लोकसभा क्षेत्र से विधायक) :

नये ट्रैफिक नियम से लोग परेशान हैं. नये भवन से यह तो घोषणा हो कि लोगों को इससे राहत मिलेगी. सीपी सिंह की अकेले कहां हिम्मत है कि वह घोषणा कर दें. मुख्यमंत्री चाहेंगे तभी होगा. राज्य कहां से पावर हब बनेगा. आप बिजली ही पैदा नहीं करते. पहले बिजली के तार से करेंट लगता था. अब बिल से करेंट लगता है. इचुनाव को ध्यान में रखकर कर दीजिए. आपने विद्यार्थियों की फीस बढ़ा दी और इपेन कम कर दिया. ओबीसी के आरक्षण की मांग भी सुन लीजिए. नये भवन में यह ऐतिहासिक घटना हो जाए,तो बेहतर हो.

रामचंद्र सहिस(जुगसलाई से विधायक):

झारखंडियों के लिए ऐतिहासिक दिन है.सरकार नयी योजना बनायेगी और इसका लाभ आम लोगों को मिलेगा. हम जनता के प्रति जवाबदेह हैं. हमें पूरा विश्वास है कि पार्टी हित से ऊपर उठकर जनता के लिए काम करना होगा. देश खुले में शौच से मुक्त बने. हमें सकारात्म राजनीति की तरफ आगे बढ़ना चाहिए.

अरुण चटर्जी (निरसा से विधायक ):

हम उन्नीस साल से नये विधानसभा की मांग उठाते रहे. मुख्यमंत्री बधाई के पात्र है. पुराने विधानसभा को मेमोरियल के रूप में विकसित किया जाएं और यहां भगवान बिरसा की एक प्रतिमा भी लागयी जाए.

राधाकृष्ण किशोर (छतरपुर सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक):

अद्भुत भवन और ऐतिहासिक क्षण, कल पीएम मोदी विधानसभा के परिषर में आये. इस लॉबी में पहुंचे, तो मैंने विधायकों के साथ के लिए उनसे आग्रह किया. तस्वीर ली पीएम मोदी ने खुद बताया कि कहां से कैसे यह तस्वीर आयेगी जो बेहतर होगी. नये विधानसभा में हम तब आये हैं जब लालकिले और लालचौक पर भी तिरंगा है. हमारी सरकार में कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां बिजली नहीं थी, हजारों लोगों को घर मिला है. झारखंड के गांव में आज गैस पर खाना बन रहा है. प्रदीप जी इन उपलब्धियों को याद करेंगे. यह सदन सबका है पक्ष और विपक्ष दोनों का. जेएमएम को उपस्थित होना चाहिए था, जनता माफ नहीं करेगी. जेएमएम कई मामलों में नकारात्म सोचती है. सार्वजनिक जीवन में जनता हमारी मालिक

भानु प्रतार शाही ( झारखण्ड राज्य की भवनाथपुर सीट से विधायक):
अध्यक्ष महोदय, जैसी खुशी आपके मन में वैसी ही हमारे मन में है. हम पक्ष – विपक्ष के नहीं है निष्पक्ष हैं. सारे लोगों के मन में एक सपना था कि एक सदन हो अपना. नये सदन में ऐसी बातें नही करनी चाहिए जिससे लगे कि बिल्ली रास्ता काट दे. सारी चीजों में सुधार हुआ है महोदय. सदन जितना बड़ा है यहां 150 विधायक बैठ सकते हैं , भविष्य में यह होगा ऐसा संकेत मिल रहा है.

कुशवाहा शिवपूजन मेहता ( हुसैनाबाद विधानसभाक्षेत्र):

पांच साल में सरकार के द्वारा किया गया कार्य सराहणीय है. काम हुआ है लेकिन कुछ समस्याओं की तरफ आपका ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा. पूरा राज्य अकाल की स्थिति में है. बिजली की समस्या है, मेरे क्षेत्र से लोग फोन करते हैं, परेशान हैं. अगर बिजली बिल माफ कर देते, तो बेहतर होता. सभी जिलों में ट्रांसफरमर की कमी ना हो,तो बेहतर होगा.

जयप्रकाश पटेल ( मांडू विधानसभा क्षेत्र ):

मैं डबल इंजन की सरकार को बधाई दूंगा. झारखंड पहले बदनाम होता रहा है, झारखंड की छवि अच्छी नहीं थी पहले पहली बार सरकार ने बेहतर काम किया है. नया विधानसभा भवन आप सभी के प्रयास से बना है. आप सभी को ढेर सारी शुभकामनाएं. मैं सत्ता पक्ष और विपक्ष का ना होते हुए रघुवर दास जी को बधाई देता हूं

नवीन जयसवाल ( हटिया विधानसभा क्षेत्र ):

नया विधानसभा भवन हटिया विधानसभा क्षेत्र में बना है, मैं सबका अभिनंदन करता हूं, भवन अच्छा है, आचरण भी अच्छा रखें . इस सरकार में कई काम हुए हैं.

राजकुमार यादव ( गिरिडीह के राजधनवार से विधायक):

देर आये दुरुस्त आये. यह ऐतिहासिक है. अध्यक्ष जी आपसे भी बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला है. कई काम सालों से अटके है. सूखा, किसानों का कर्जा, बिजली की समस्या है. हमें इस तरफ भी सोचना चाहिए. पूरे देश में मंदी है. प्रदूषण नियत्रण के नाम पर फैक्ट्रियों को इजाजत नहीं मिल रहा है.

सुखदेव भगत (लोहरदगा से विधायक):

यहां से विस्थापित लोगों की विश्वसनियता कायम रहे. उन्हें जो सुविधाएं मिलनी है, वो मिले. नवीन जी ने अच्छी बात कही. मुझे भगवत गीता लिखी कृष्ण की एक बात याद आ रही है हालांकि वह आत्मा के संदर्भ में है लेकिन इस वक्त मुझे वह कहना ठीक लग रहा है।

नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः । न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः ॥

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