अनंत चतुर्दशी पर प्राचीन सोमेश्वरनाथ मन्दिर में जुटने लगे कांवरियां

 

अरेराज । अशोक वर्मा।

अनंत चतुर्दशी के अवसर पर सोमेश्वरनाथ मंदिर के प्राचीन शिवलिंग पर जल चढाने हेतु तीन दिनो से कांवरियों एवं भक्त श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है।ढोल झाल के थाप पर नाचते झूमते भक्त शिव की नगरी की ओर खींचे हुए पहूंच रहे हैं।11 सितंबर को पुरा अरेराज क्षेत्र शिव भक्तो से भर चुका है। काफी कांवरियों ने इस वर्ष ट्रेक्टर पर हीं झोंपडी बनाकर और कीर्तन भजन मे मग्न होकर शिव नगरी मे पहूंच रहे हैं।कांवरियों का अरेराज मे आने का तांता लगा हुआ है।इस वर्ष पूर्व केंद्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह ने बडा सा पंडाल बनवाया है।उस पंडाल मे कृषक कल्याण सम्मेलन तथा सांस्कृतिक आयोजन भी हुआ ।

लखनऊ एवं दिल्ली से कलाकारो का जत्था भी अरेराज पहूंचकर जगह जगह नुक्कड नाटक प्रस्तुत कर रहे हैं।रेडपांडा इंटरटेंनमेंट लखनऊ की नाट्य टीम भारत स्वच्छता मिशन पर नाटक की प्रस्तुति कर आम लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रही है।कलाकार अपने अभिनय और संवाद के जरिए बता रहे हैं कि आज जो बीमारियां बढ रही है उसका मूल कारण गंदगी है।नल के पानी को पिये,बाढ के समय पानी उबालकर लेना चाहिये तथा घर एवं आसपास बिल्कुल साफ सफाई कैसे रखें इसकी जानकारी दी गई।कलाकारो ने बताया कि इससे हम सभी को हीं लाभ होगा।कलाकारों मे निर्देशक थे राजवीर, विकाश,आरती,सपना,स्वाती,मोहित,आशिश वंशल एवं अश्विनी।


दुसरी टीम ब्रह्माकुमारीज की थी,जो दिल्ली से आई है।सात सदस्यीय ब्रह्माकुमारो की टीम द्वारा नशा और उसके दुःश परिणाम पर बडा हीं सशक्त नुक्कड नाटक प्रस्तुत किया जा रहा हैं।नाटक कार्यक्रम का उद्घाटन बीके मीना बहन ने किया।नाटक के कथानक मे दिखाया गया है कि कैसे एक शरीफ दोस्त को शराब और अन्य नशे की आदत दोस्ती यारी मे डाल दी जाती है।जब नशाखोर दोस्त बुरी तरह से बीमार हो जाता है तब भीख मांगकर उसका ईलाज होता है।आपरेशन मे पेट से गुटका,सीगरेट और अलकोहल निकलता है।अंत मे नशाखोर की मृत्यु होती है।कलाकार थे बीके हरिशंकर,अरविंद भाई,कन्हैया भाई,हर्षित भाई,एवं पंकज भाई।


मेला परिसर मे दर्जनों राहत शिविर लगे हुए हैं।चिकित्सा सुविधा भी सरकारी और गैर सरकारी दी जा रही है।पूर्व केंद्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह ने सौ फीट उंचा तीरंगा झंडा फहराया तथा ब्रह्माकुमारीज के आध्यात्मिक प्रदर्शनी एवं किसान कल्याण समारोह का उदघाटन किया।मेले मे पावंरिया नृत्य आकर्षण का केंद्र था।कांवरियों की सेवा मे देवापुर जलबोझी स्थल से लेकर 70 किलोमीटर की पद यात्रा की दूरी के बीच बीच मे काफी संख्या मे मेडिकल कैंप,जल फल आदि की व्यवस्था की गई थी रातभर कांवरिया सेवा मे लोग लगे रहे।डा० सी एल झा,डा० आर के झा,डा० ज्योति झा समेत झा परिवार के अन्य डाक्टरों के अलांवा जिले के कई अन्य डाक्टरों ने अपनी सेवा दी।सनातन ब्राह्मण समाज के उक्त कैंप मे समर्पित स्टाफो ने भी अपनी सेवा दी।

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