गोरौल के अखाड़ों में भी ख़ूब दिखी ताज़िया मिलन जुलूस एवं स्टंट की बाजीगरी

संवाददाता । गोरौल।

हजरत मोहम्मद स्लैलाउहा ताला अलिहे वस्लम के नवासे हजरत हसन व हजरत हुसैन के मुहर्ररमुल पर्व मुहर्रम के तीन दिवसीय पर्व के दौरान दूसरे दिन दोपहर में गमारा के बाद पहलाम के दौरान अनुनायियों ने गोरौल थाना क्षेत्र के बिभीन्न जगहों पर तजियादारो ने जुलूस निकाला गया। इस दौरान विभिन्न जगहों पर तैनात दंडाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी ने गस्ती के साथ शांति व्यवस्था में लगे दिखे।गोरौल बीडियो प्रेम राज और थाना अध्यक्ष अनिल कुमार विधि व्यवस्था में लगे दिखे।इस दौरान अनुनायियों ने खेल तमाशे के साथ करतब दिखायी।पूरे थाना क्षेत्र के 22 अनुज्ञप्ति धारी तजियादारो ने जुलूस निकाला।

कई मुस्लिम टोला के लोगो ने बताया कि ये पर्ब गम का पर्ब है। तजिया से ज्यादा असर का नवाज में समय लगाना ज्यादा बेहतर है।दूसरी ओर मझौली के बुजुर्गों में रहमत अली,शदिक शाह,नाजू मिया,बसीर शाह के साथ 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला तोहिद खानम ने बतायी कि पर्ब तो हजरत हसन व हुसैन के कत्ल होने के बाद यजिदों के पश्चताप का पर्ब है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था को ले तजिया जुलूस के बजाए दस दिवशीय रोजा और असर का नवाज से रहमत बरसती है।

चौकी में खीर और पूरी का महत्व ,गमारा में चौकी मिलन और पहलाम में फूल पत्ती का होता है।इन लोगो ने तजिया जुलूस को भी प्रेरणास्रोत बताया लेकिन स्वच्छ रूप से ही पर्ब को मनाना ही पर्ब का असली उद्देश्य बताया।इस वर्ष हो रहे मुहर्रम पर्ब को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि कई वर्षों के बाद ऐसा समय आया है कि अंग्रेजी और उर्दू की तिथि भी साथ साथ चल रही है।इस दौरान विभिन्न जगहों पर तैनात दंडाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी ने गस्ती के साथ शांति व्यवस्था में लगे दिखे।

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