सरैया में अधिकारियों की लापरवाही से बिजली की समस्या बदस्तूर जारी

 

संवाददाता। सरैया (मुजफ्फरपुर)।

विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल सरैया (बखरा) के अधिकारियों की लापरवाही के कारण क्षेत्र में बिजली की समस्या बदस्तूर जारी है। समस्याओं का समाधान होने की बजाए दिन ब दिन समस्याएं बढ़ते हीं जा रही है। फॉल्ट की बजह से बिजली नहीं रहना तो यहां आम बात है, अब तो जिसकी मर्जी वही सब स्टेशन में पहुंच कर घंटो बिजली आपूर्ति बंद करवा दे रहा है। ऐसे उपद्रवियों पर कार्रवाई करने में बिजली विभाग का हाथ पांव फूल रहा है। लिहाजा उपद्रवियों का मनोबल बढ़ते हीं जा रहा है। जिसका परिणाम है कि शनिवार की रात से लेकर रविवार की सुबह तक धनुपरा सब स्टेशन की 6 में से 5 फीडरों की बिजली आपूर्ति 12 घंटे तक उपद्रवियों ने जबरन बंद करवा दिया।


जानकारी के अनुसार धनुपरा विद्युत सब स्टेशन से 6 फीडर निकला हुआ है। शनिवार की रात अचानक एक फीडर ‘लालू छपरा’ ब्रेकडाउन में चला गया। जिसके कारण उस फीडर को छोड़ शेष सभी 5 फीडरों में बिजली आपूर्ति चल रही थी। इसी दौरान रात के करीब दस बजे कुछ उपद्रवी सब स्टेशन में पहुंचे और कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करते हुए सभी फीडरों की लाइन को बंद करवा दिया। उपद्रवियों का कहना था कि लालू छपरा फीडर, जिससे धनुपरा गांव में बिजली मिलती है, जब तक ठीक नहीं होगा तब तक सभी फीडर बंद रहेगा।

अधिकारियों ने आरजू मिन्नत किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पूरी रात सभी फीडर की आपूर्ति बंद रहा। रविवार की सुबह अधिकारियों ने न कोई कार्रवाई किया और नहीं बिजली आपूर्ति शुरू हुई। जिसके बाद शेष सभी 5 फीडरों के उपभोक्ता आक्रोशित हो गए और सब स्टेशन पहुंच कर तोड़फोड़ और हंगामा करने के लिए गोलबंद होने लगे। मामले की सूचना सरैया बीडीओ को मिली। उन्होंने मामले से वरीय अधिकारियों को अवगत करवाया तब जाकर करीब साढ़े दस बजे दिन में बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी।

अब यह भी देख लीजिए, अधिकारियों ने क्या कहा:

इस बावत पूछे जाने पर विद्युत विभाग के सहायक अभियंता रवि पासवान ने बताया कि वहां की समस्याओं से मैं तंग आ गया हूं। एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन देता हूं तो पुलिस एफआईआर भी दर्ज नहीं करती है। जिसके कारण मिलाजुला कर काम करना पड़ता है।

कार्यपालक अभियंता पश्चिमी किरण कुमार ने कहा कि खुद का लाइन नहीं रहने पर अन्य का लाइन बाधित करने गलत परंपरा है। लेकिन कार्रवाई के लिए थाना पर आवेदन भेजने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाता है।

बीडीओ डॉ. भृगुनाथ सिंह ने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारियों को अगर लगता है कि उनके आवेदन देने पर कार्रवाई नहीं होती है तो वे मुझे आवेदन फॉरवर्ड करे, मैं एफआईआर दर्ज करवाऊंगा।

सरैया एसडीपीओ डॉ. शंकर झा ने बताया कि अगर एफआईआर दर्ज नहीं किया गया था या नहीं किया जाता है तो अधिकारी मेरे पास क्यों नहीं आये। मुझे या किसी वरीय अधिकारी को फोन से भी कभी मामले की जानकारी नहीं दिया गया।

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