बिहार में शराब बंदी का सच्च? आप खुद हीं लगा सकते है अनुमान..!देखे शेखपुरा की रिपोर्ट!

धीरज सिन्हा। शेखपुरा।

शेखपुरा सदर थाना क्षेत्र के रेलवे स्टेशन परिसर में मीडिया की नजर जब शराब की ढेरों खाली बोतलो पर पड़ी तो मानो आंखे खुली ही रह गयी स्टेशन परिसर के खाली जगहों में सैकड़ो की संख्या में शराब की खाली बोतले पड़ी देखी गयी इस सम्बन्ध में जब स्थानीय लोगो से बात किया गया तब वे लोग भी सरकार की शराब बंदी कानून को फ्लॉप बताया है साथ ही कहा है कि शराब की बोतलों की सूचना कई बार पुलिस को दी गयी है लेकिन पुलिस भी कोई कारवाई नही करती है इसलिए शराब कारोबारियों का गोरखधंधा चल रहा है सरकार से इस सम्बंध में कार्रवाई किये जाने का मांग किया है,गौरतलब है कि शेखपुरा रेलवे स्टेशन से सटे मात्र 150 गज की दूरी पर उत्पाद विभाग का कार्यालय है और 700 गज की दूरी पर शेखपुरा थाना वही शेखपुरा रेल जीआरपी भी इस सम्बंध में कोई कार्रवाई नही कर पा रही है।

बहरहाल आखिर क्या है यह शराब कारोबारियों का खेल और कहा से आता है स्टेशन परिसर में इतनी शराब की खाली बोतले यह शेखपुरा की पुलिस नाकामी पर सबालिया निशान क्यों न खड़ा करे जरूरत है कि बिहार सरकार की शराब के खिलाफ चल रही मुहिम शेखपुरा पुलिस को गहराई से लेनी चाहिए और इस पर कार्रवाई भी करनी चाहिए ताकि स्टेशन परिसर जैसे खुली जगहों पर जब इतनी शराब की बोतले पाई जा सकती है तो आखिर व्यापर किस पैमाने पर होता होगा और कारोबारी कितना मालामाल होगा इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

इस मामले में जब उत्पाद अधीक्षक से बात करने का प्रयास किया गया तब कुछ भी बताने से इनकार किया गया है वही एक तरफ सरकार का फरमान जारी होता है कि जिस थाना क्षेत्र में शराब बरामद होता है तो उस थाना ध्यक्ष को दस साल के लिए थानेदारी छि ली जाएगी वही रेलवे स्टेशन परिसर में पड़े शराब की खाली बोतलो के मामले में देखना यह लाजमी होगा कि सरकार के द्वारा शेखपुरा पुलिस प्रशासन पर इस मामले को लेकर क्या कार्रवाई किया जाता है जिससे यह शराब का गोरखधंधा को रोका जा सके।

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