बिहार-झारखंड व बंगाल में बैंकों से पौने 2 करोड़ लूटने वाले 3लुटेरे गिरफ्तार,पूछताछ में हुआ कई खुलासा!

संवाददाता । गया(बिहार)।

बिहार-झारखंड व बंगाल में घुम-घुमकर बैंक में लूट करने वाले तीन अंतरराज्यीय बैंक लुटेरा को पुलिस ने धर दबोचा है। तीनों की गिरफ्तारी रफीगंज-कासमा रोड स्थित आरबीआर हाईस्कूल के समीप से हुई है। गिरफ्तार लोगों में गया जिले के परैया थाना क्षेत्र के पहरा गांव निवासी गिरोह का मास्टरमाइंड नीरज दास उर्फ सत्येन्द्र दास, उसी गांव के राहुल तिवारी व आमस थाने के अकौनी गांव निवासी विनय दास शामिल है। नीरज व विनय की गिरफ्तारी रफीगंज से हुई। फिर इसके निशानदेही पर पहरा गांव से राहुल को पकड़ा गया।


इसका खुलासा रफीगंज थानाध्यक्ष राजीव रंजन ने किया। गिरफ्तार बैंक लुटेरों के पास से लूटे गए कुछ पैसे व चार मोबाइल बरामद किया गया है। गिरफ्तार लुटेरों ने हाल ही में झारखंड के हजारीबाग जिले के चरकूशा ग्रामीण बैंक से तीन लाख 30 हजार लूटा था। इस मामले में रफीगंज पुलिस ने हजारीबाग पुलिस को सूचना दे दी है। जिसके बाद झारखंड पुलिस रफीगंज के लिए रवाना हो गई है। उनके पहुंचते ही अपराधियों को झारखंड पुलिस के हवाले सौंप दिया जाएगा।


पुलिस के हत्थे चढ़े तीन बैंक लुटेरे रफीगंज बाजार में कई दिनों से बैकों की रेकी कर रहे थे। बैंकों में लेनदेन व कैश के बारे मे पता लगाना और फिर भागने के रास्ता कहां से है यह सब देख रहे थे। दो बैंक लुटेरों को रफीगंज बाजार के स्थानीय लोग संदिग्ध स्थिति में अचीवर बाइक से घुमते देखा तो शक हुआ। उनका हाव-भाव सामान्य नहीं था। लिहाजा कुछ लोगों ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दे दी।


थानाध्यक्ष राजीव कुमार जानकारी मिलते ही गंभीरता से लिया और उस इलाके में अपना जाल बिछाकर पहुंच गए। आरबीआर हाईस्कूल के पास जैसे ही पुलिस पहुंची कि लुटेरे भागने की कोशिश करने लगे। इसके बाद पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। पूछताछ में बताया कि वे अंतरराज्यीय बैंक लुटेरे हैं और रफीगंज में भी बैंक लुटने के लिए रेकी कर रह थे। फिर इनके निशानदेही पर इसका तीसरा साथी राहुल तिवारी को पहरा गांव से पकड़ा गया।
पुलिस के हत्थे चढ़े तीनों लुटेरा बिहार-झारखंड व बंगाल में घुम-घुमकर बैंकों में लूट की घटना को अंजाम दिया। गिरोह का मास्टरमाइंड नीरज दास उर्फ सत्येन्द्र ने पुलिस को बताया कि बिहार-झारखंड व बंगाल के सात बैंकों से वह पौने दो करोड़ कैश लूट चुका है। वहीं बंगाल के एक दुकान से 8.5 किलो सोना भी लूटा था। उसने बताया कि 2007 में बंगाल के दुर्गापुर स्थित देना बैंक से 4.50 लाख, उसी साल बंगाल के पुरलिया स्थित पीएनबी से 80 लाख लूट लिया था। इसी तरह से 2011 में झारखंड के गिरीडीह जिला के निमिया घाट एसबीआई शाखा से 24 लाख व 2013 में परसा स्थित ग्रामीण बैंक से 2.5 लाख रुपए लूट लिया था।


वहीं 2016 में रफीगंज प्रखंड के भदवा बाजार स्थित मध्य बिहार ग्रामीण बैंक से 5 लाख लूटा था। मगध मेडिकल कॉलेज गया स्थित मध्य बिहार ग्रामीण बैंक से 20 लाख, फिर 2017 में बांका जिला के चानन एसबीआई शाखा से 39 लाख लूट की घटना को अंजाम दिया था। उसने बताया कि इसके अलावा उसने बंगाल के बैरकपुर खरदा थाना अंतर्गत आईआईएफएल ब्रांच से 8.5 किलो सोना लूट लिया था। जिसकी कीमत करोड़ में थी।


गिरफ्तार अंतरराज्यीय बैक लुटेरा नीरज दास उर्फ सत्येन्द्र के गैंग ने 16 दिन पहले झारखंड के हजारीबाग जिला के चरकूशा थाना अंतर्गत ग्रामीण बैंक से 3.32 लाख लूट लिया था। इसके बाद यह गिरोह भागकर औरंगाबाद व गया इलाके में आ गया था। इस गिरोह का अगला निशाना रफीगंज में किसी बैंक में लूट को अंजाम देकर भागना था। लेकिन इसके पहले ही पुलिस ने इनके नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया। गिरफ्तार लुटेरों से पूछताछ करने के लिए झारखंड पुलिस रफीगंज के लिए चल चुकी है। थानाध्यक्ष राजीव रंजन ने बताया कि गिरफ्तार लुटेरों को झारखंड पुलिस को सौंप दिया जाएगा।

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