रक्सौल की कार्यशाला में हुआ एलान,अब बाल विवाह की होगी निगरानी

 

अशोक । रक्सौल (बिहार)।

एड सेन्टर रक्सौल एवं डंकन अस्पताल रक्सौल द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन गुरुवार को यहां किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार, डंकन अस्पताल के डॉ० वंदना कांत, समीर दिगल एवं प्रयास जुवेनाइल एड सेन्टर मोतिहारी के प्रबंधक डॉ० विजय कुमार शर्मा एवं आरती कुमारी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि बाल विवाह होने की सूचना सबसे पहले हमें और चाइल्ड लाइन को दे। बाल विवाह एक जघन्य अपराध है। माता-पिता, लड़का-लड़की, पंडित-मोलवी, हजाम और बरती भी सजा के भागी होंगे। विवाह रोकने के लिए बने कानून का सख्ती से पालन होगा। तथा प्रत्येक शादी का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। वहाँ उपस्थित मौलवी और पंडितों ने शपथ लिया कि हम अब बाल विवाह नहीं होने देंगे।


अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने कहा कि शादी से पूर्व बाल विवाह की सूचना पुलिस एवं चाईल्ड लाइन को दे। इस पर कानून सख्त है।
डॉ० वंदना कांत ने बताया कि बाल विवाह करने से स्वास्थ्य विकार का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि कम उम्र में गर्भवती होने के कारण उन्हें अनेकों प्रकार की बीमारियों का सामना करना पड़ता हैं। जिसमें में मानसिक बीमारी एवं कैंसर बीमारी से पीड़ित हो सकते है। प्रयास संस्था के डॉ० विजय कुमार शर्मा ने बताया कि यह एक सामाजिक कुरीति है। जिसे समाज को जागरूक करके समाप्त किया जा सकता है।


इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह के रोकथाम हेतु पण्डितों एवं मौलवियों को जागरूक करना था।
कार्यक्रम में प्रयास संस्था से राज गुप्ता, आशुतोष अमन, वसुंधरा कुमारी, चाईल्ड लाइन से अमित कुमार, रंजन किशोर मिश्रा, किरण वर्मा, अजय कुमार, तथा डंकन अस्पताल से दिलीप कुमार, मधु सिंग, शालिनी, संदीप, मुकेश, अभुनता इत्यादि शामिल थे।

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