BREAKING:बारिश से पटना तरबतर,किसानों के खिले चेहरे,रहिये अलर्ट:3दिन और बरसेंगे मेघ,बिहार में गंगा, कोसी, गंडक का जल स्तर बढ़ा!

 

संवाददाता। पटना (बिहार)।

पूरे राज्य में तीन दिनों से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सक्रिय है। बीते 24 घंटों में लगभग सभी जगहों पर हल्की से भारी बारिश हुई है। वहीं अगले 24 घंटे तक पूरे राज्य में अच्छी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

अनीसाबाद स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार यूपी के पूर्वी जिलों के साथ राज्य के पश्चिमी जिले मसलन भोजपुर, बक्सर, पटना, रोहतास सहित आसपास के जिलों में भारी बारिश के आसार हैं। वहां राज्यस्तरीय मॉनसून के अलावा लोकल साइक्लोन भी सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम जिलों में मध्यम बारिश होगी।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मॉनसून की टर्फ लाइन राज्य से गुजर रही है। इसके कारण अगले दो से तीन दिनों तक बारिश होती रहेगी।

लगभग सभी हिस्सों में हुई बारिश :

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार पूरे राज्य में सोमवार की रात साढ़े आठ बजे से लेकर मंगलवार को शाम साढ़े पांच बजे तक 62 एमएम तक बारिश हुई है।

इसमें सबसे अधिक बारिश भागलपुर में सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे यानी सिर्फ नौ घंटे में 100.6 एमएम तक बारिश रिकॉर्ड की गयी। इसके अलावा पटना में सोमवार की शाम साढ़े पांच बजे से लेकर मंगलवार को शाम साढ़े पांच बजे यानी 24 घंटे में 77.3 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गयी। इसमें केवल सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक 55.6 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गयी है।इसके अलावा पूर्णिया में पूरे दिन 15 एमएम व गया में हल्की बारिश रिकाॅर्ड की गयी।

डीएम ने लिया घटनास्थल का जायजा:

सूचना मिलते ही डीएम कुमार रवि घटनास्थल पर पहुंचे।उन्होंने वहां पर चल रहे राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की। डीएम ने नगर निगम को मलबा हटाने का निर्देश दिया।घटना के बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम वहां पर कैंप कर रही है। डीएम के निर्देश पर प्रशासन के अन्य पदाधिकारी घटनास्थल पर कैंप कर रहे हैं। डीएम ने दो बच्चों की मौत पर शोक प्रकट किया है।

बारिश से धान की रोपनी में आयी तेजी:

कृषि विभाग ने बताया कि राज्य भर में तीन दिनों से हो रही बारिश से धान की रोपनी में तेजी आयी है। विभाग के अनुसार नौ जुलाई को राज्य में सामान्य से 250% अधिक बारिश हुई है. नौ जुलाई को 12.4 एमएम की जगह 43.4 एमएम बारिश हुई। जल संसाधन विभाग ने प्रदेश में सभी नदियों के तटबंध सुरक्षित होने का दावा किया है।

कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने कहा कि इस बारिश से किसानों को काफी लाभ होगा. कृषि मंत्री ने कहा कि जून में सामान्य 167.7 एमएम की जगह 98.7 एमएम बारिश हुई। जून में 41% कम बारिश हुई। जुलाई में अच्छी बारिश हो रही है। धान का बिचड़े डालने का लक्ष्य 3.30 लाख हेक्टयर के विरुद्ध नौ जुलाइ तक राज्य में 2,57,189 हेक्टेयर हुआ. जो 77.94% है. मुख्य रूप से पूर्वी चंपारण में 51,699 हेक्टेयर में, पश्चिमी चंपारण में 50,110 हेक्टेयर, सीतामढ़ी में 27,433 हेक्टेयर , पूर्णिया में 23,315 हेक्टेयर में रोपनी हुई है। मंत्री ने कहा कि धान की नर्सरी में तैयार बिचड़ों को इच्छुक और जरूरतमंद कृषकों के बीच नि:शुल्क वितरण किया जायेगा ।

गंगा, कोसी, गंडक का जल स्तर बढ़ा:

राज्य में तीन दिनों में हुई बारिश से मुख्य नदियों के जल स्तर में बढ़ोतरी होने लगी है. इन नदियों में मुख्य रूप से गंगा, कोसी, और गंडक हैं।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंडक नदी का जल स्तर मंगलवार सुबह छह बजे तक डुमरियाघाट में खतरे के निशान से 24 सेंमी नीचे था। इसमें 14 सेंमी की बढ़ोतरी की संभावना है। वहीं, कोसी नदी का जल स्तर मंगलवार सुबह बसुआ में खतरे के निशान से 108 सेंमी नीचे था। इसमें नौ सेंमी की बढ़ोतरी की संभावना है।साथ ही बलतारा में यह खतरे के निशान से 92 सेंमी नीचे था, इसमें बुधवार को 35 सेंमी बढ़ोतरी की संभावना है।

a2znews