स्पॉट रिपोर्ट : बन्दरा में पहली बारिश ने हीं बिजली आपुर्ति व्यवस्था की खोल दी पोल,नियमित आपुर्ति विभाग के लिए बनी चुनौती,गांवों में छाया अंधेरा!

 

*हल्की बारिस में भी जर्जर तार टुटना व फाल्ट होना सबसे बड़ी परेशानी।

 

दीपक कुमार तिवारी । बन्दरा/मुज़फ्फरपुर(बिहार)।

हम मुज़फ्फरपुर जिले के बन्दरा प्रखण्ड क्षेत्र की बात कर रहे हैं। जिले के इस अत्यंत पिछड़े प्रखण्ड में विद्युत विभाग की तैयारियों का पोल वर्षा होते ही खुल जाता है। थोड़ी सी भी वर्षा होने के बाद अगर हल्की हवा चल जाए तो यकीनन घंटों बिजली की आपूर्ति बाधित हो जाती है। विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर लुंज पुंज तारों को बदलने का भी कार्य करने के बाद उनके घटिया कार्य का प्रदर्शन हल्की बारिश में हो जाती है। प्रखंड क्षेत्र में विद्युत की आपूर्ति घोसरामा विद्युत शक्ति उपकेंद्र के माध्यम से किया जाता है। बिना पूरी तैयारी के इसके आपूर्ति का क्षेत्र विस्तार कर दिया जाता है। जिस कारण हमेशा कहीं ना कहीं बडा फॉल्ट बनता है। जिसे साधनहीन विभागीय कर्मी समय सीमा में ठीक नहीं कर पाते हैं।उपभोक्ताओं की शिकायत है कि प्रखंड के घोसरामा पावर सब स्टेशन एवं ढोली विद्युत सब स्टेशन से पिछले 2 महीने के दरमियान आधे दर्जन से अधिक दिवस ऐसे रहे हैं। जिसमें रात भर विद्युत आपूर्ति बाधित रही है।

पिछले 10 दिनों के दौरान दो दिन तो दिनभर विद्युत आपूर्ति बाधित कर 33 केवीए लाइन में कार्य कराए गए। परंतु रविवार की रात्रि से विद्युत आपूर्ति जबरदस्त तरीके से बाधित रही। जहां रविवार को रात भर फॉल्ट के कारण अंधेरा छाया रहा, वही सोमवार की रात्रि से बुधवार की शाम तक तो रुक-रुक कर अनियमित विद्युत आपूर्ति सिलसिला चलता रहा। उतपन्न फॉल्ट के कारण शाम से पूर्वी क्षेत्र के आधे दर्जन गांवों में विद्युत आपूर्ति पूर्णतः बाधित हो गयी। रुक-रुक कर हो रही वर्षा के बीच आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीणों में जबरस्त आक्रोश है। ग्रामीण उपभोक्ताओं का आरोप है कि शहरी विद्युत आपूर्ति पर तो डीएम समीक्षा एवं निर्देश भी जारी करते हैं लेकिन ग्रामीण विद्युत आपूर्ति पर डीएम की अनदेखी से विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों की मनमानी भी काफी बढ़ती जा रही है।लिहाजा हालात बद से बदतर हो गई है। प्रखंड के प्रायः गांव में हाल के 6 महीने से 22 घंटे तक बिजली का सुख उपभोक्ता को मिलता था । लेकिन विद्युत अभियंताओं की उदासीनता से इस अब सर्वाधिक दिक्कतें प्रारंभ हो गई हैं। जहां पहले आवाध विद्युत आपूर्ति होती थी। वही अब खंडित अवस्था में आपूर्ति मिलती है। उपभोक्ताओं के अनुसार विद्युत लाइन कि अगर यही स्थिति रही तो बरसात के समय में प्रखंड क्षेत्र के गांव में अंधेरा का साम्राज्य बना रहेगा।

जिसका असर रात्रि के अंधेरे में आपराधिक घटनाओं वृद्धि के रूप में देखा जा सकता है। कनीय अभियंता विकास कुमार ने बताया कि उनके स्तर पर फॉल्ट मिलने पर अतिशीघ्र उसकी मरम्मत कर विद्युत आपूर्ति बहाल करने का प्रयास होता है। परंतु वर्षा होने के कारण रात्रि में मानव बल को दूर तक के क्षेत्र में फाल्ट ढूंढने में परेशानी होती है। उनके द्वारा हो रही कठिनाइयों के बाबत अपने से ऊपर के अभियंताओं को जानकारी दिए जाने की बात कहीं गई। वही मुखिया मुकेश राम(मुन्नी),रामराजी पंडित (पटसारा),इंदु देवी(मतलुपुर),पवन कुमार पंडित(सिमरा), गुड्डू कुमार(पिरापुर),शम्भू साह(बड़गांव) सहित कई मुखियों ने बताया कि क्षेत्र के उपभोक्ताओं का बताना है कि जब कोई फॉल्ट होता है ।तब विभागीय अभियंता को जानकारी देनी होती है तो सभी का मोबाइल स्विच ऑफ मिलता है।उपभोक्ताओं की शिकायत है कि कॉल करने पर कोई अभियंता उपलब्ध नहीं होते हैं।लिहाजा ग्रामीण उपभोक्ता विवश होकर रह जाते हैं।

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