भगवान शिव ने सती से कहा था-मित्र, पिता, गुरु और पति के घर बिना बुलाये नहीं जाना चाहिए

 

संवाददाता। बसंतपुर।

बसन्तपुर के सीतापुर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रीमद्भागवत कथा के दौरान बहन मीरा ने कहा कि श्रीमद्भागवत में वर्णन आता है कि हमारा जन्म भारत देश में हुआ है, इसलिए हम बड़े भाग्यशाली है। “हमारा भारत देश महान है, क्योंकि इसके अलावे जितने भी अन्य देश हैं, उनको वहां के लोग माता कहकर नहीं बुलाते। हम तो सिर्फ भारत को ही माता कहकर पुकारते हैं और मां के रूप में संबोधित करते हैं। भारत में ही राम और कृष्ण जैसे भगवान का जन्म हुआ। मीरा, नानक, तुलसी, कबीर, तुकाराम जैसे संतों का पदार्पण हुआ, लेकिन मंद बुद्धि वाले क्या जानें जीवन जीने की कला श्रीमद्भागवत सिखाती है। राजा परीक्षित को सुखदेव जी ने माता देवहूति को कपिल भगवान ने कैसे ज्ञान, कर्म और शक्ति का उपदेश दिया।

शक्ति क्या है, ज्ञान क्या है, विवेक क्या है, इन्हीं तत्वों का विवेचन यहां किया गया है। शंकर भगवान का सती के साथ विवाह होने के बाद भगवान शंकर से सती अपने पिता के घर यज्ञ देखने के लिए जाने की हठ करने लगी। भगवान शंकर के बहुत समझाने पर भी नहीं मानी। भगवान शंकर ने सती से कहा कि चार लोगों के घर बिना बुलाये नहीं जाना चाहिए-मित्र के घर, पिता के घर, गुरु के घर, पति के घर। इतना समझाने के बावजूद सती नहीं मानी। भगवान शंकर पर क्रोध करने लगी तो भगवान ने कुछ मित्रों के साथ सती को पिता के यज्ञ में भेज दिया।

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