शिव के 11वें स्वरूप हैं हनुमान,जानिए किस युग में कैसा होगा प्रभाव?

संवाददाता । मुजफ्फरपुर।

भगवान शिव एकादश रूद्र हैं। इन्हीं का 11वाँ स्वरूप श्री हनुमान जी महाराज है। इनका प्रताप चारों युग में आज भी विद्यमान है ।व्यक्ति यदि श्री हनुमंत लाल का आराधना करता है तो उसे श्री रूद्र भगवान का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त हो जाता है । इसलिए लोगों को समर्पण भाव से इन देवो का आराधना करना चाहिए, तभी उनका एव विश्व का कल्याण संभव है।


उक्त बातें मंगलवार को मधुबन शिव मंदिर प्रांगण में हो रहे नौ दिवसीय रूद्र महायज्ञ के सातवे दिन व्यासपीठ से प्रवचन करते हुए आचार्य जय कृष्ण शास्त्री ने कहा। उन्होंने कहा कि मानव जीवन अमूल्य है जो व्यक्ति समर्पण भाव से भगवान रूद्र का आराधना करता है वह जीवन में कभी परास्त नहीं होता है।


महायज्ञ के सातवें दिन मंगलवार को संध्याकाल 51 किलो फुल – फल मे भगवान कार्तिक का पुष्पाधिवास कराया गया है । कल बुधवार को भगवान कार्तिक के प्रतिमा का स्थापना विद्वान पंडितों द्वारा यज्ञ स्थल स्थित शिव मंदिर में कराया जाएगा ।


यज्ञ स्थल पर महाआरती का भी आयोजन किया गया । जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु भक्त शामिल हुए। महायज्ञ समिति के सदस्य पूर्व मंत्री अजीत कुमार ने बताया कि बुधवार कार्तिक जी महाराज के प्रतिमा स्थापन के समय भारी संख्या में साधू-सँत उपस्थित रहेंगे। महायज्ञ स्थल पर मंगलवार को भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा रही। महायज्ञ समिति के सदस्य दामोदर चौधरी, मनमोहन सिंह, चंद्रिका राय, अरविंद कुमार, मुरली चौधरी ,लखेदर राय, श्याम नारायण झा विजय राम, सुबोध कुमार ,नागेश्वर राम आदि श्रद्धालुओं की सेवा में लगे रहे।

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