स्पॉट:बन्दरा में लो वोल्टेज़ की है समस्या,24 घण्टे निर्बाध बिजली का दावा झूठा!

 

बंदरा । संवाददाता।

सरकार एक ओर किसानों के खेतों तक निर्बाध बिजली पहुंचाने के दावा कर रही है जबकि हकीकत यही है घर की बिजली भी 24 घंटे रहने की गारंटी नहीं है। बताया जाता है कि प्रखंड के गांव में और अक्सर 14 से 16 घंटे तक हीं बिजली की आपूर्ति हो पाती है जबकि मौसम हल्की प्रतिकूल होने,हल्की हवा तेज होने या वर्षा की स्थिति होने पर टेक्निकल फॉल्ट के बहाने से 24 घंटों से ज्यादा समयों तक विद्युत की आपूर्ति पूर्णतः प्रभावित या बाधित रहती है। हाल के 2 महीनों के अंदर प्रखंड क्षेत्र के गांव में लो वोल्टेज की समस्या आम हो गयी हैं। बताया जाता है सरकार के द्वारा विद्युत आपूर्ति के निजीकरण करने के बाद जबसे फ्रेंचाइजी सिस्टम लागू की गई तब से शुरुआती दिनों में विद्युत आपूर्ति की स्थिति थोड़ा बहुत तो सुधरी लेकिन फिर बाद के दिनों में विद्युत सुविधा पुराने हालात पर लौटने लगी है।

ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना है कि सुबह और शाम के समय में विद्युत आपूर्ति अनिवार्य रूप से बाधित रहती है। दिन और रात के समय में अक्सर लो वोल्टेज की समस्या रहती है। बताया जाता है कि पहले मैठी फीडर से प्रखण्ड के विद्युत सब स्टेशन घोसरामा में हाईटेंशन विद्युत की आपूर्ति होती थी। तब भी प्रखंड में लो वोल्टेज की समस्या थी। बाद के दिनों में ढोली फीडर से घोसरामा फीडर को जोड़ दिया गया। तब शुरू में लो वोल्टेज प्रॉब्लम कम गए थे लेकिन हाल के दिनों में लो वोल्टेज की समस्या फिर सरेआम बढ़ गयी है।जिसके कारण से प्रखंड क्षेत्र में काफी असुविधा बढ़ी हुई है।

बताया जाता है कि विद्युत कर्मियों के द्वारा नॉर्मल फॉल्ट को भी ठीक करने में कई घंटे लग जाते हैं तथा लगातार शिकायत के बावजूद फ्रेंचाइजी से जुड़े हुए लोग या विद्युत कर्मियों के द्वारा इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया जाता है ।कई उपभोक्ताओं का बताना है कि विद्युत विभाग के अधिकारियों को भी फॉल्ट की समस्याओं के सुधार के लिए की गई शिकायतों पर गंभीरता से कार्यवाई नहीं हो पाती है।आम पब्लिक के फोन कॉल्स का भी विभागीय अधिकारियों के द्वारा अक्सर रिस्पॉन्स नहीं लेते हैं।

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