पीपरा दुर्गा मेला : 251 वर-वधु का परिचय के बाद हुआ शादी तय,मां दुर्गा को चढ़ाया चुनरी

कुमार सुबोध सिंह | शंभूगंज/बांका

शंभूगंज व सुलतानगंज प्रखंड क्षेत्र के सीमा पर स्थित करहरिया पंचायत का पीपरा दुर्गा मेला खासकर वर वधु के शादी के पूर्व पात्र का देखसुन व परिचय के लिए प्रसिद्ध है । प्रति वर्ष इस दुर्गा मेला में दो सौ से भी ज्यादा शादी की जोड़ी पक्की किया जाता है । भागलपुर,बांका,मुंगेर के कुर्मी समाज का यह सबसे बड़ा मेला कहा जाता है । जानकारी के अनुसार शंभूगंज प्रखंड क्षेत्र के उत्तरी सीमा पर स्थित करहरिया पंचायत के पीपरा चैती दुर्गा मंदिर में मां दुर्गा का विराट प्रतिमा स्थापित कर हर वर्ष चार दिवसीय मेला का आयोजन किया जाता है । करीब ढ़ाई सौ वर्ष पुरानी इस चैती दुर्गा मंदिर में समस्त ग्रामीणो के सहयोग से प्रतिमा स्थापित कर इतना बड़ा मेला का आयोजन किया जाता है ।

अष्टमी से प्रारंभ होने वाला इस पीपरा मेला में भागलपुर, बांका, मुंगेर,जमुई आदि जिला के कोने कोने से लाखो लोग यहाँ पुजा अर्चना करने पहुंचते है । यहां की सबसे बड़ी बिशेषता यह है कि यहाँ प्रति वर्ष दो सौ से भी ज्यादा वर वधु के पात्र परिचय व देखसुन होने के बाद शादी पक्की किया जाता है । जहाँ वर पक्ष को वधु और वधु पक्ष को वर पसंद होने के बाद यहाँ शादी तक कर मां दुर्गा को चुनरी व मिठाई परंम्परा के अनुसार चढ़ाया जाता है । इस वर्ष भी करीब ढ़ाई सौ से भी ज्यादा वर वधु को देखकर लोगो ने शादी तय किया । पीपरा का दुर्गा मेला खासकर कुंवारा लड़का व लड़की के लिए प्रसिद्ध मेला है । जिसके कारण परदेश में मजदुरी करने वाला कुंवारा लड़का शादी पक्की करवाने के लिए हर वर्ष चैती दुर्गा मेला में घर आना नही भुलते है। जिसकी शादी कही पक्की नही होती है वेसे वर या वधु पीपरा दुर्गा मंदिर में मां भगवती को श्रद्धा व आस्था के साथ पुजा अर्चना करने वालो को इच्छा अनुसार वर व वधु मिलती है । इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रण करने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ साथ एक सौ से भी ज्यादा ग्रामीण वोलंन्टीयर मेला परिसर में तैनात किया जाता है ।

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