नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ चैती छठ महापर्व

 

संवाददाता । पटना(बिहार)।

बिहार में 4 दिनों तक चलने वाले सूर्योपासना का महापर्व चैती छठ मंगलवार को नहाय खाय के साथ शुरू हो गया। छठ व्रतियों ने पवित्र नदी में स्नान कर लौकी और चावल का प्रसाद बनाया। नहाय-खाय को लेकर व्रतियों ने सोमवार को जबर्दस्त खरीदारी की। दिन भर शहर के प्रमुख बाजारों में इनकी भीड़ दिखीं। सूप, दउरा से लेकर पूजन सामग्रियों की खरीदारी हुई।

4 दिनों तक चलता है महापर्व:

छठ महापर्व 4 दिनों तक चलता है। नहाय खाय से इसकी शुरूआती होती है और उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ छठ संपन्न होता है। छठ के दूसरे दिन छठ व्रती खरना का पर्व करेंगी। इस दिन घर में व्रती पुरी, खीर बनाएगी और छठी मईया की पूजा अर्चना के बाद प्रसाद के रूप में ग्रहण करेंगी। 11 अप्रैल को छठ व्रती अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य देंगी। वहीं 12 अप्रैल को उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ घर में पारण कर चार दिवसीय अनुष्ठान को पूरा करेंगी।

घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम:

महापर्व को लेकर सभी छठ घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। घाटों पर पुलिस बल के साथ गोताखोरों की टीम को भी तैनात किया गया है। गुरुवार को अर्घ्य देने के दौरान बच्चे ज्यादा गहरे पानी न जाएं, इसको देखने के लिए भी टीम तैनात की गई है।

छठ पूजा का विशेष महत्व:

सूर्य षष्ठी व्रत होने के कारण इसे छठ कहा गया है। यह पर्व वर्ष में दो बार मनाया जाता है। पहली बार चैत्र में और दूसरी बार कार्तिक में। चैत्र शुक्ल पक्ष षष्ठी पर मनाए जाने वाले छठ पर्व को चैती छठ व कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी पर मनाये जाने वाले पर्व को कार्तिकी छठ कहा जाता है। रामायण और महाभारत में इस पर्व को लेकर कई कहानियां हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश के साथ साथ देश में छठ को लोग बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं।

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