स्पॉट स्टोरी:चुनाव में इस बार चचरी पुल पर नहीं दौड़ेगी आश्वासन की गाड़ी,ग्रामीण नेताओं को आने नहीं देंगे!

 

संवाददाता । पटना(बिहार)।

बिहार में लोस चुनाव नजदीक है। दियारा क्षेत्र के रामपुर व मथुरा पंचायत की लगभग 18 हजार की आबादी हर चुनाव में मिलने वाले पक्के पुल के आश्वासन से अब ऊब चुकी है।

ग्रामीणों में झूठे वादों से आक्रोश है और अब वे इस बार अपनी मेहनत से बनाए इस चचरी पुले से वोट के लिए आने वाले नेताओं को गांव में नहीं आने देंगे। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल चुनाव में नेता झूठा आश्वासन देकर चले जाते हैं। चुनाव बाद कोई नेता पलट कर भी नहीं देखता है कि जहां हमने पुल का वादा किया था वहां भी जाना है।

जब हमारे वोट देने के बाद भी नेता इस क्षेत्र के विकास के प्रति उदासीन बने रहते हैं तब वे वोट क्यों देंगे। दरअसल सदर प्रखंड क्षेत्र के दियारा में गंडक किनारे बसे गांव के लोगों के लिए आवागमन के पुलिया नहीं हैं।
बरसात में टीका रामपुर एवं मथुरा पंचायत की लगभग 18 लाख की आबादी को मुंगेर, खगड़िया, महेशखूंट व मानसी अाने जाने के लिए नाव ही सहारा रहती है। जिससे हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने खुद चंदा इकठ्‌ठा कर तीन चचरी का पुल बनाया है। लेकिन खुद के बनाए चचरी पुल से वे नेताओं को वोट मांगने के लिए गांव में नहीं आने देंगे।

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