गब्बर की पिटाई ने पुरानी यादों को किया ताज़ा,2013 में भी हुई थी रूह कंपा देने वाली हादसा

 

*थर्ड डिग्री टॉर्चर से पुलिस हिरासत में एक व्यक्ति की गई थी जान

*2013 के जुलाई महीने में सदर थाना में ही हुई थी हादसा

*दो थानेदार सहित कई लोग काट रहे हैं सजा

*पुलिस द्वारा मुन्ना सिंह के प्राइवेट पार्ट्स में डाला गया था डंडा व पेट्रोल

मो.अंजुम आलम,जमुई (बिहार)।

04 फरवरी को सदर थाना की पुलिस द्वारा शराब पीने के जुर्म में महिसौड़ी मोहल्ले निवासी रुई व्यवसायी गब्बर खान को गिरफ्तार कर थाने में थर्ड डिग्री टॉर्चर किया गया था।लेकिन मामले का उजागर उस वक़्त हुआ जब इलाज के दौरान शनिवार की देर रात गब्बर की तबियत बिगड़ी।जिसे परिजन द्वारा सदर अस्पताल लाने के बाद चिकित्सक देवेंद्र कुमार द्वारा गब्बर की स्थित गंभीर बताते हुए रेफर कर दिया।इसी बीच मामला अचानक इतना तूल पकड़ा की एसडीपीओ,एसपी,स्थानिए विधायक, डीआईजी और डीजीपी तक चली गई।इस घटना ने लोगों को वर्ष 2013 के जुलाई महीने में सदर थाना में हुई दर्दनाक घटना की याद दिला दी।लोग पहले की घटना से इसे जोड़कर भयभीत दिखने लगे।

बताते चलें कि यह वाक्या पहला नहीं बल्कि इससे भी दर्दनाक और रूह को कंपा देने वाली वाक्या सदर थाना में हो चुकी है।पुलिसिया टॉर्चर से एक व्यक्ति की जान जा चुकी है।बताते चलें कि वर्ष 2013 के जुलाई महीने में जमुई टाउन थाना क्षेत्र के नवीनगर गांव से अबैंकुठ वर्णवाल नामक व्यक्ति का अपराधियों द्वारा अपहरण कर लिया गया था।इस मामले में लखापूर के मुन्ना सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।उसके बाद मुन्ना सिंह को तत्कालीन थानाध्यक्ष जितेंद्र सिंह व गिद्धौर थानाध्यक्ष सत्यव्रत भारती सहित अन्य पुलिस कर्मी द्वारा पुछताछ के क्रम में बेरहमी से पिटाई कर दी गई थी।इतना ही नहीं पूछ-ताछ का बहाना बनाकर मुन्ना सिंह के साथ थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया गया और साथ ही उसके प्राइवेट पार्ट में डंडा और पेट्रोल डाल कर बुरी तरह घायल कर दिया गया था। जिससे उसकी मौत इलाज के दौरान हो गई थी।इस मामले में दोषी दो थानाध्यक्ष सहित पुलिसकर्मी अभी तक जेल के शालाखों की हवा खा रहे हैं।

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